राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 'स्वागत क्लस्टर लेवल फेडरेशन' का विजन 0.3 प्रशिक्षण
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित स्वागत क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। यह प्रशिक्षण सरस केंद्र,जमालपुर कलां में आयोजित किया जा रहा है,जिसका उद्देश्य CLF को भविष्य के लिए तैयार करना है।प्रशिक्षण की गुणवत्ता का निरीक्षण करने के लिए परियोजना निदेशक,डीआरडीए,कैलाश नाथ तिवारी शिविर में पहुँचे। उन्होंने मास्टर ट्रेनर कैलाश कांडारी बीएमएम,भगवानपुर से प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली और प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं से उनके अनुभव भी पूछे।सशक्त CLF का रोडमैप परियोजना निदेशक ने "विजन" के उद्देश्य को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि विजन का अर्थ भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार करना है। एक सशक्त CLF की जिम्मेदारी है कि वह ईमानदारी और अनुशासन के साथ कमजोर वर्ग की महिलाओं की मदद करे और उन्हें आजीविका के समान अवसर प्रदान करे। उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत उपलब्ध धनराशि से प्राथमिकता के आधार पर उद्यम स्थापित करने में मदद मिलेगी।प्रशिक्षण में स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। यह बताया गया कि CLF की भूमिका सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं जैसे महिला एवं बाल विकास,स्वास्थ्य,समाज कल्याण और कौशल विकास का लाभ समूह की महिलाओं तक पहुँचाने में मदद करना है। लखपति दीदी' योजना पर जोर
प्रशिक्षण में 'लखपति दीदी' योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। CLF को लखपति दीदियों की आय की निरंतरता बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों से मदद हेतु आवेदन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। साथ ही,महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जनपद स्तर पर प्रस्तावित 'लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम' पर भी बात की गई।इस प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर के अलावा आईप्रपी कृष्णा रावत,स्वागत CLF की अध्यक्ष विमला,और पूनम शर्मा सहित कई अन्य महिलाएं उपस्थित थीं।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ‘स्वागत क्लस्टर लेवल फेडरेशन’ का विजन 0.3 प्रशिक्षण
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित स्वागत क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। यह प्रशिक्षण सरस केंद्र,जमालपुर कलां में आयोजित किया जा रहा है,जिसका उद्देश्य CLF को भविष्य के लिए तैयार करना है।प्रशिक्षण की गुणवत्ता का निरीक्षण करने के लिए परियोजना निदेशक,डीआरडीए,कैलाश नाथ तिवारी शिविर में पहुँचे। उन्होंने मास्टर ट्रेनर कैलाश कांडारी बीएमएम,भगवानपुर से प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली और प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं से उनके अनुभव भी पूछे।सशक्त CLF का रोडमैप परियोजना निदेशक ने “विजन” के उद्देश्य को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि विजन का अर्थ भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार करना है। एक सशक्त CLF की जिम्मेदारी है कि वह ईमानदारी और अनुशासन के साथ कमजोर वर्ग की महिलाओं की मदद करे और उन्हें आजीविका के समान अवसर प्रदान करे। उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत उपलब्ध धनराशि से प्राथमिकता के आधार पर उद्यम स्थापित करने में मदद मिलेगी।प्रशिक्षण में स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। यह बताया गया कि CLF की भूमिका सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं जैसे महिला एवं बाल विकास,स्वास्थ्य,समाज कल्याण और कौशल विकास का लाभ समूह की महिलाओं तक पहुँचाने में मदद करना है। लखपति दीदी’ योजना पर जोर
प्रशिक्षण में ‘लखपति दीदी’ योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। CLF को लखपति दीदियों की आय की निरंतरता बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों से मदद हेतु आवेदन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। साथ ही,महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जनपद स्तर पर प्रस्तावित ‘लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम’ पर भी बात की गई।इस प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर के अलावा आईप्रपी कृष्णा रावत,स्वागत CLF की अध्यक्ष विमला,और पूनम शर्मा सहित कई अन्य महिलाएं उपस्थित थीं।