फार्माकोविजिलेंस सप्ताह पर राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार फार्माकोविजिलेंस सप्ताह 2025 के अवसर पर 23 सितंबर को राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (पीवीपीआई) सप्ताह पर एक वर्कशॉप का आयोजन हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थियेटर में किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई,जिसमें संस्थान के प्राचार्य डॉ.सी.एम.एस.रावत,एम.ई.यू.कोऑर्डिनेटर डॉ.सुमन पाण्डेय,फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.शुजाउद्दीन और अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे।प्राचार्य डॉ.सी.एम.एस.रावत ने इस अवसर पर बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता और मेडिकल छात्रों में दवा सुरक्षा,दुष्प्रभावों की पहचान और रिपोर्टिंग प्रक्रिया के प्रति जागरूकता फैलाना है।उन्होंने कहा कि यह पहल मरीजों की सुरक्षा बढ़ाने और चिकित्सा पेशेवरों को सतर्क बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कार्यक्रम में डॉ.सौम्या पाण्डेय ने फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि यह प्रणाली दवाओं के उपयोग से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों की निगरानी,मूल्यांकन और रोकथाम के लिए काम करती है।डॉ.सारिका अग्रवाल ने हीमोविजिलेंस के बारे में जानकारी दी,जो रक्तदान और ट्रांसफ्यूजन से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी और रोकथाम सुनिश्चित करती है।इसके अतिरिक्त,डॉ.शुजाउद्दीन ने मेटिरियोविजिलेंस पर चर्चा की और बताया कि यह चिकित्सा उपकरणों से संबंधित दुष्प्रभाव और खराबियों की निगरानी कर मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों की रिपोर्टिंग की भूमिका और नियामक प्रक्रियाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया।इस अवसर पर नर्सिंग स्टाफ ने एक शिक्षाप्रद स्किट प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और रोचक एवं जानकारीपूर्ण बनाया।कार्यक्रम का समापन प्राचार्य डॉ.सी.एम.एस.रावत और एम.एस.डॉ.के.एस.बुटोला ने किया। इस पहल से न केवल छात्रों बल्कि आम जनता में भी दवा सुरक्षा और रिपोर्टिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।
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फार्माकोविजिलेंस सप्ताह पर राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार फार्माकोविजिलेंस सप्ताह 2025 के अवसर पर 23 सितंबर को राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (पीवीपीआई) सप्ताह पर एक वर्कशॉप का आयोजन हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थियेटर में किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई,जिसमें संस्थान के प्राचार्य डॉ.सी.एम.एस.रावत,एम.ई.यू.कोऑर्डिनेटर डॉ.सुमन पाण्डेय,फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.शुजाउद्दीन और अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे।प्राचार्य डॉ.सी.एम.एस.रावत ने इस अवसर पर बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता और मेडिकल छात्रों में दवा सुरक्षा,दुष्प्रभावों की पहचान और रिपोर्टिंग प्रक्रिया के प्रति जागरूकता फैलाना है।उन्होंने कहा कि यह पहल मरीजों की सुरक्षा बढ़ाने और चिकित्सा पेशेवरों को सतर्क बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कार्यक्रम में डॉ.सौम्या पाण्डेय ने फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि यह प्रणाली दवाओं के उपयोग से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों की निगरानी,मूल्यांकन और रोकथाम के लिए काम करती है।डॉ.सारिका अग्रवाल ने हीमोविजिलेंस के बारे में जानकारी दी,जो रक्तदान और ट्रांसफ्यूजन से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी और रोकथाम सुनिश्चित करती है।इसके अतिरिक्त,डॉ.शुजाउद्दीन ने मेटिरियोविजिलेंस पर चर्चा की और बताया कि यह चिकित्सा उपकरणों से संबंधित दुष्प्रभाव और खराबियों की निगरानी कर मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों की रिपोर्टिंग की भूमिका और नियामक प्रक्रियाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया।इस अवसर पर नर्सिंग स्टाफ ने एक शिक्षाप्रद स्किट प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और रोचक एवं जानकारीपूर्ण बनाया।कार्यक्रम का समापन प्राचार्य डॉ.सी.एम.एस.रावत और एम.एस.डॉ.के.एस.बुटोला ने किया। इस पहल से न केवल छात्रों बल्कि आम जनता में भी दवा सुरक्षा और रिपोर्टिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।