उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.रावत के हाथों नियुक्ति पत्र मिलते ही खिल उठे युवाओं के चेहरे
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।24 सितंबर को राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने आज दून विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में 116 योग प्रशिक्षकों एवं 104 प्रयोगशाला सहायकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर डॉ.रावत ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को अपने कार्य की सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से नव-नियुक्त कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा,ताकि उन्हें अपने उत्तरदायित्वों की जानकारी रहे और कार्यस्थल पर किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। योग प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए डॉ.रावत ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की आत्मा है और स्वस्थ समाज निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।राज्य सरकार का प्रयास है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में योग को केवल एक विषय न मानकर,जीवन शैली का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि योग प्रशिक्षक विद्यार्थियों को शारीरिक,मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएँगे।डॉ.रावत ने कहा कि अब सभी नव-नियुक्त कर्मचारी उच्च शिक्षा विभाग के अभिन्न अंग बन चुके हैं। निष्ठा,ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना ही उनका पहला दायित्व होना चाहिए।उन्होंने कहा कि यह नियुक्तियाँ राज्य सरकार की रोजगार सृजन की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।इससे न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा और शोध की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.सुरेखा डंगवाल,उच्च शिक्षा निदेशक वी.एन.खाली,संयुक्त निदेशक डॉ.ए.एस.उनियाल,दून विवि के डीन प्रो.एच सी पुरोहित, डॉ.ममता ड्यूडी सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं नव चयनित अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
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उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.रावत के हाथों नियुक्ति पत्र मिलते ही खिल उठे युवाओं के चेहरे
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।24 सितंबर को राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने आज दून विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में 116 योग प्रशिक्षकों एवं 104 प्रयोगशाला सहायकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर डॉ.रावत ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को अपने कार्य की सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से नव-नियुक्त कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा,ताकि उन्हें अपने उत्तरदायित्वों की जानकारी रहे और कार्यस्थल पर किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। योग प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए डॉ.रावत ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की आत्मा है और स्वस्थ समाज निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।राज्य सरकार का प्रयास है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में योग को केवल एक विषय न मानकर,जीवन शैली का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि योग प्रशिक्षक विद्यार्थियों को शारीरिक,मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएँगे।डॉ.रावत ने कहा कि अब सभी नव-नियुक्त कर्मचारी उच्च शिक्षा विभाग के अभिन्न अंग बन चुके हैं। निष्ठा,ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना ही उनका पहला दायित्व होना चाहिए।उन्होंने कहा कि यह नियुक्तियाँ राज्य सरकार की रोजगार सृजन की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।इससे न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा और शोध की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.सुरेखा डंगवाल,उच्च शिक्षा निदेशक वी.एन.खाली,संयुक्त निदेशक डॉ.ए.एस.उनियाल,दून विवि के डीन प्रो.एच सी पुरोहित, डॉ.ममता ड्यूडी सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं नव चयनित अभ्यर्थी उपस्थित रहे।