हरिद्वार में ग्राम पंचायत विकास योजना पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।आज दिनांक 30 सितम्बर 2025 को जिला पंचायत राज अधिकारी,हरिद्वार अतुल प्रताप सिंह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत विकास योजना जीपीडीपी सबकी योजना,सबका विकास,अभियान में भागीदारी का आग्रह विषय पर अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अतिथि गृह,मायापुर हरिद्वार में एक दिवसीय प्रशिक्षण/कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिला पंचायत राज अधिकारी हरिद्वार अतुल प्रताप सिंह के द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना जीपीडीपी को बढ़ावा देने और जन योजना अभियान सबकी योजना सबका विकास के तहत भागीदारी को आमंत्रित करने पर जोर दिया,जिसके अंतर्गत एक उदाहरण के रूप में ग्राम सभा की बैठक में नागरिक अपनी आवश्यकताओं के आधार पर अपनी मांगें पेश करते हैं,जैसे कि सड़कों का निर्माण,स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता या कौशल प्रशिक्षण का आयोजन,जिससे एक एकीकृत और सर्वसमावेशी ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार होती है।भारत सरकार का पंचायती राज मंत्रालय,2 अक्टूबर से देश भर में जन योजना अभियान,सबकी योजना,सबका विकास,की शुरुआत कर रहा है,ताकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजनाओं जीपीडीपी की तैयारी की जा सके। इस अभियान का उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाली योजनाएं तैयार करने में सक्षम बनाना है।यह अभियान ग्राम सभा स्तर पर योजना बनाने के लिए एक गहन और संरचित अभ्यास है,जिसमें पंचायत के निवासियों और संबंधित हितधारकों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाता है।इसका लक्ष्य एक ऐसी विकास योजना तैयार करना है जो संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में उल्लिखित सभी 29 विषयों से संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य लाइन विभागों की योजनाओं के साथ पूरी तरह से अभिसरण हो।जिला पंचायत राज अधिकारी,हरिद्वार अतुल प्रताप सिंह द्वारा इस अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तीन महत्वपूर्ण बिन्दु बताए गए।ग्राम सभा की भागीदारी यह अभियान पंचायतों को नागरिकों की जरूरतों को समझने और उन्हें विकास योजना में शामिल करने का अवसर प्रदान करता है।संसाधनों का प्रभावी उपयोग पंचायतों को उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके एक व्यापक और टिकाऊ विकास योजना बनाने में सक्षम बनाया जाता है।डिजिटल प्रगति ई.ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से योजना निर्माण और प्रगति रिपोर्टिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है।इसके साथ ही साथ ग्राम पंचायत विकास योजना 9 थीम सतत विकास लक्ष्यों पर आधारित हैं,जिनमें शामिल हैं।गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका वाला गांव,स्वस्थ गांव,बाल अनुकूल गांव,पर्याप्त जल वाला गांव,स्वच्छ और हरित गांव,आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा वाला गांव,सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव,सुशासन वाला गांव,महिला हितैषी गांव।आदि विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। तथा समान नागरिक संहिता के सम्बन्ध में सभी को अधिकारियो/कर्मचारियों को यूसीसी पंजीकरण की गति को किस तरह से बढाया जा सकता है इस विषय पर विस्तार से चर्चा कर बताया गया। प्रशिक्षण/कार्यशाला में जनपद के सभी विकासखण्डों से सहायक विकास अधिकारी पंचायत,ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं डाटा एण्ट्री ऑपरेटर उपस्थित रहे।
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हरिद्वार में ग्राम पंचायत विकास योजना पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।आज दिनांक 30 सितम्बर 2025 को जिला पंचायत राज अधिकारी,हरिद्वार अतुल प्रताप सिंह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत विकास योजना जीपीडीपी सबकी योजना,सबका विकास,अभियान में भागीदारी का आग्रह विषय पर अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अतिथि गृह,मायापुर हरिद्वार में एक दिवसीय प्रशिक्षण/कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिला पंचायत राज अधिकारी हरिद्वार अतुल प्रताप सिंह के द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना जीपीडीपी को बढ़ावा देने और जन योजना अभियान सबकी योजना सबका विकास के तहत भागीदारी को आमंत्रित करने पर जोर दिया,जिसके अंतर्गत एक उदाहरण के रूप में ग्राम सभा की बैठक में नागरिक अपनी आवश्यकताओं के आधार पर अपनी मांगें पेश करते हैं,जैसे कि सड़कों का निर्माण,स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता या कौशल प्रशिक्षण का आयोजन,जिससे एक एकीकृत और सर्वसमावेशी ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार होती है।भारत सरकार का पंचायती राज मंत्रालय,2 अक्टूबर से देश भर में जन योजना अभियान,सबकी योजना,सबका विकास,की शुरुआत कर रहा है,ताकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजनाओं जीपीडीपी की तैयारी की जा सके। इस अभियान का उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाली योजनाएं तैयार करने में सक्षम बनाना है।यह अभियान ग्राम सभा स्तर पर योजना बनाने के लिए एक गहन और संरचित अभ्यास है,जिसमें पंचायत के निवासियों और संबंधित हितधारकों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाता है।इसका लक्ष्य एक ऐसी विकास योजना तैयार करना है जो संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में उल्लिखित सभी 29 विषयों से संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य लाइन विभागों की योजनाओं के साथ पूरी तरह से अभिसरण हो।जिला पंचायत राज अधिकारी,हरिद्वार अतुल प्रताप सिंह द्वारा इस अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तीन महत्वपूर्ण बिन्दु बताए गए।ग्राम सभा की भागीदारी यह अभियान पंचायतों को नागरिकों की जरूरतों को समझने और उन्हें विकास योजना में शामिल करने का अवसर प्रदान करता है।संसाधनों का प्रभावी उपयोग पंचायतों को उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके एक व्यापक और टिकाऊ विकास योजना बनाने में सक्षम बनाया जाता है।डिजिटल प्रगति ई.ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से योजना निर्माण और प्रगति रिपोर्टिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है।इसके साथ ही साथ ग्राम पंचायत विकास योजना 9 थीम सतत विकास लक्ष्यों पर आधारित हैं,जिनमें शामिल हैं।गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका वाला गांव,स्वस्थ गांव,बाल अनुकूल गांव,पर्याप्त जल वाला गांव,स्वच्छ और हरित गांव,आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा वाला गांव,सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव,सुशासन वाला गांव,महिला हितैषी गांव।आदि विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। तथा समान नागरिक संहिता के सम्बन्ध में सभी को अधिकारियो/कर्मचारियों को यूसीसी पंजीकरण की गति को किस तरह से बढाया जा सकता है इस विषय पर विस्तार से चर्चा कर बताया गया। प्रशिक्षण/कार्यशाला में जनपद के सभी विकासखण्डों से सहायक विकास अधिकारी पंचायत,ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं डाटा एण्ट्री ऑपरेटर उपस्थित रहे।