बीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉ.आशुतोष सयाना ने जील-2025 का किया भव्य शुभारंभ
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।बीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र-छात्राओं का वार्षिक कॉलेज उत्सव ‘जील-2025’ रंगारंग कार्यक्रमों के साथ प्रारंभ हो गया है। आठ अक्तूबर तक चलने वाले इस वार्षिकोत्सव में खेलकूद प्रतियोगिता,सांस्कृतिक प्रस्तुतियां,क्विज,मिस्टर एवं मिस जील समेत कई आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।शुभारंभ अवसर पर कॉलेज परिसर उत्साह और उमंग से सराबोर दिखाई दिया।वार्षिकोत्सव का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना एवं संकाय सदस्यों ने मशाल जलाकर किया। इसके उपरांत मां सरस्वती मंदिर में दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई।इस मौके पर महिला फैकल्टी और पुरुष फैकल्टी के बीच हुए क्रिकेट मैच में महिला फैकल्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। कार्यक्रम में वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार,पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अजेय विक्रम सिंह,डाॅ.सतीश कुमार,डाॅ.किंगसुंग लोहान,डाॅ.दीपा हटवाल,डॉ.जय कुमार,डॉ. विक्की बख्सी,डॉ.कैलाश गैरोला,डाॅ.सुरेन्द्र सिंह,डॉ.मोहित कुमार,डॉ.मोहिन सैनी,डॉ.पवन बट्ट,डॉ.नियति ऐरेन,डॉ.हरप्रीत सिंह सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे।जील-2025 केवल वार्षिक उत्सव नहीं,बल्कि यह हमारे छात्र-छात्राओं की ऊर्जा,सृजनशीलता और टीम भावना का उत्सव है। मेडिकल शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है,बल्कि खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां भी व्यक्तित्व विकास के लिए उतनी ही आवश्यक हैं। मुझे विश्वास है कि यह उत्सव विद्यार्थियों को आत्मविश्वास,नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जुड़ाव की नई सीख देगा। जील की हर प्रस्तुति हमारे कॉलेज की सकारात्मक सोच और उत्कृष्टता का प्रतीक है।डॉ.आशुतोष सयाना,प्राचार्य बीसीएसजीएमसी जील-2025 जैसे उत्सव किसी भी मेडिकल कॉलेज की धड़कन होते हैं। यह केवल मनोरंजन का मंच नहीं,बल्कि छात्रों की छिपी प्रतिभाओं,अनुशासन और आपसी सहयोग की असली पहचान है। डॉक्टर बनने की कठिन यात्रा के बीच ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नई ऊर्जा और संतुलन प्रदान करते हैं। हमारे युवा चिकित्सक न केवल किताबों और प्रयोगशालाओं में दक्ष हों,बल्कि वे संस्कृति,खेल और समाज से भी गहरे जुड़े रहें-यही सच्चा शिक्षा का उद्देश्य है। मैं बीसीएसजीएमसी के इस शानदार आयोजन के लिए सभी छात्रों और संकायजनों को बधाई देता हूं और विश्वास जताता हूं कि यहां से निकलने वाला हर विद्यार्थी जील’ की तरह ही जीवन में उज्ज्वल और प्रेरणादायक बनेगा।डॉ.धन सिंह रावत,चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री,उत्तराखण्ड सरकार।
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बीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉ.आशुतोष सयाना ने जील-2025 का किया भव्य शुभारंभ
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।बीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र-छात्राओं का वार्षिक कॉलेज उत्सव ‘जील-2025’ रंगारंग कार्यक्रमों के साथ प्रारंभ हो गया है। आठ अक्तूबर तक चलने वाले इस वार्षिकोत्सव में खेलकूद प्रतियोगिता,सांस्कृतिक प्रस्तुतियां,क्विज,मिस्टर एवं मिस जील समेत कई आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।शुभारंभ अवसर पर कॉलेज परिसर उत्साह और उमंग से सराबोर दिखाई दिया।वार्षिकोत्सव का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना एवं संकाय सदस्यों ने मशाल जलाकर किया। इसके उपरांत मां सरस्वती मंदिर में दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई।इस मौके पर महिला फैकल्टी और पुरुष फैकल्टी के बीच हुए क्रिकेट मैच में महिला फैकल्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। कार्यक्रम में वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार,पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अजेय विक्रम सिंह,डाॅ.सतीश कुमार,डाॅ.किंगसुंग लोहान,डाॅ.दीपा हटवाल,डॉ.जय कुमार,डॉ. विक्की बख्सी,डॉ.कैलाश गैरोला,डाॅ.सुरेन्द्र सिंह,डॉ.मोहित कुमार,डॉ.मोहिन सैनी,डॉ.पवन बट्ट,डॉ.नियति ऐरेन,डॉ.हरप्रीत सिंह सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे।जील-2025 केवल वार्षिक उत्सव नहीं,बल्कि यह हमारे छात्र-छात्राओं की ऊर्जा,सृजनशीलता और टीम भावना का उत्सव है। मेडिकल शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है,बल्कि खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां भी व्यक्तित्व विकास के लिए उतनी ही आवश्यक हैं। मुझे विश्वास है कि यह उत्सव विद्यार्थियों को आत्मविश्वास,नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जुड़ाव की नई सीख देगा। जील की हर प्रस्तुति हमारे कॉलेज की सकारात्मक सोच और उत्कृष्टता का प्रतीक है।डॉ.आशुतोष सयाना,प्राचार्य बीसीएसजीएमसी जील-2025 जैसे उत्सव किसी भी मेडिकल कॉलेज की धड़कन होते हैं। यह केवल मनोरंजन का मंच नहीं,बल्कि छात्रों की छिपी प्रतिभाओं,अनुशासन और आपसी सहयोग की असली पहचान है। डॉक्टर बनने की कठिन यात्रा के बीच ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नई ऊर्जा और संतुलन प्रदान करते हैं। हमारे युवा चिकित्सक न केवल किताबों और प्रयोगशालाओं में दक्ष हों,बल्कि वे संस्कृति,खेल और समाज से भी गहरे जुड़े रहें-यही सच्चा शिक्षा का उद्देश्य है। मैं बीसीएसजीएमसी के इस शानदार आयोजन के लिए सभी छात्रों और संकायजनों को बधाई देता हूं और विश्वास जताता हूं कि यहां से निकलने वाला हर विद्यार्थी जील’ की तरह ही जीवन में उज्ज्वल और प्रेरणादायक बनेगा।डॉ.धन सिंह रावत,चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री,उत्तराखण्ड सरकार।