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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।आज स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस तथा पैलिएटिव केयर दिवस के मौके पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ श्रीकोट में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला की अध्यक्षता में मैं जो लड़की हूं,मैं जो बदलाव लाती हूं:संकट के अग्रिम मोर्चे पर लड़कियां की थीम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.शिव मोहन शुक्ला ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं देते हुये कहा कि आज बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में नये मुकाम हासिल कर रही है,समाज में बदलाव के लिए पहले हमें स्वयं में बदलाव लाना जरूरी हैं हम महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलें। उनके द्वारा कहा गया कि सरकारी प्रयासों एवं समय-समय पर जनजागरुकता अभियान से हम लोग धीरे-धीरे समाज में बालिकाओं को लेकर तमाम भ्रान्तियों से पार पा रहे हैं,आज की बेटियों में शक्ति और उर्जा दोनों हैं, इसलिए परिवार और समाज का भी दायित्व है,कि वो परिवार में बालिकाओं को आगे बढने के लिए प्रोत्साहित करे,तभी समाज की उन्नति संभव है।उन्होंने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वह अपनी बेटियों को उनकी रुचि के अनुसार कार्यक्षेत्र चुनने की आजादी देने के साथ ही उसमें उनका पूर्ण सहयोग करें आज बेटियां किसी से काम नहीं है परिवार को उन्हें आत्मनिर्भर बनने का पूरा अवसर देना चाहिए उनके द्वारा कहा बताया गया कि,विभाग द्वारा भी पी.सी.पी.एन.डी.टी.कार्यक्रम के तहत अन्य विभागों के सहयोग से समय-समय पर जनजागरुकता अभियान चलाये जाते हैं कार्यक्रम समन्वयक पी.सी.पी.एन.डी.टी.आशीष रावत द्वारा कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित छात्राओं को पीसीपीएनडीटी एक्ट,उनके कानूनी अधिकार,शिक्षा,स्वास्थ्य जागरुकता एवं बालिकाओं को लेकर सरकार द्वारा चलायी जा रही तमाम योजनाओं के बारे में अवगत कराया गया।चिकित्सा अधिकारी डॉ.अलीशा द्वारा नर्सिंग छात्र-छात्राओं को पैलिएटिव केयर के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।उनके द्वारा बताया गया कि पैलिएटिव केयर न सिर्फ चिकित्सकीय स्टाफ बल्कि हर व्यक्ति द्वारा किसी भी लंबी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को दी जा सकती है। उनके द्वारा कैंसर से ग्रसित व्यक्ति का उदाहरण देते हुए बताया गया कि उसके दर्द तथा परिवार में तनाव की स्थिति में कैसे एक नर्सिंग अधिकारी तथा कोई भी बीमार व्यक्ति की सेवा करके सहायता प्रदान कर सकता है। उनके द्वारा भविष्य में नर्सिंग विद्यार्थियों को चिकित्सालय में जाकर पैलिएटिव केयर से संबंधित मरीजों को सहायता प्रदान करने संबंधित टिप्स भी दिए गए उनके द्वारा बताया गया कि एक नर्सिंग अधिकारी मरीज के लिए एक कम्युनिकेटर की तरह भूमिका निभाते हुए आसान भाषा में मरीज को उपचार तथा सरकार की उपलब्ध योजनाओं तथा सहायताओं के बारे में जानकारी दे सकते हैं।इस दौरान कन्या भ्रूण हत्या को लेकर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमें प्रथम वर्ष के आयुष कांत ने पहला,द्वितीय वर्ष की प्रेरणा ने दूसरा व दिया कंडारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया गया। कार्यक्रम में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डॉ.मीनू,ट्यूटर शिवानी,मुकेश,निखिल,स्वेता गुसाई,शकुंतला नेगी,कोमल,अभिषेक आदि मौजूद रहे।

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