दीपावली से पहले 'फायर ब्रिगेड' हुई सुपर-एक्टिव:गोपेश्वर कर्णप्रयाग समेत सभी यूनिट्स ने परखे जीवन रक्षक हाइड्रेंट
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।दीपावली के आस-पास पटाखों और दीपों से आग लगने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए,फायर यूनिट की टीमें अलर्ट मोड पर आ गई हैं,आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए,गोपेश्वर,कर्णप्रयाग,गौचर और गैरसैंण की फायर यूनिटों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित सभी फायर हाइड्रेंटों का गहन निरीक्षण अभियान चलाया।यह कार्रवाई महज़ एक औपचारिकता नहीं थी,बल्कि आग से निपटने की तैयारी का अंतिम रिहर्सल था।फायरकर्मियों ने सुनिश्चित किया कि:क्या हाइड्रेंट काम कर रहे हैं सभी हाइड्रेंटों से पानी का प्रेशर और बहाव जांचा गया।क्या उनमें कोई रुकावट है,बंद पड़े या जाम हो चुके हाइड्रेंटों को तुरंत ठीक किया गया।क्या वे आसानी से दिख रहे हैं। यह सुनिश्चित किया गया कि आपातकाल में हाइड्रेंट आसानी से उपलब्ध हो सकें।फायर अधिकारियों ने इस निरीक्षण के बाद स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान आग से सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड को पानी की कमी का सामना न करना पड़े और बहुमूल्य समय बर्बाद न हो।
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दीपावली से पहले ‘फायर ब्रिगेड’ हुई सुपर-एक्टिव:गोपेश्वर कर्णप्रयाग समेत सभी यूनिट्स ने परखे जीवन रक्षक हाइड्रेंट
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।दीपावली के आस-पास पटाखों और दीपों से आग लगने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए,फायर यूनिट की टीमें अलर्ट मोड पर आ गई हैं,आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए,गोपेश्वर,कर्णप्रयाग,गौचर और गैरसैंण की फायर यूनिटों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित सभी फायर हाइड्रेंटों का गहन निरीक्षण अभियान चलाया।यह कार्रवाई महज़ एक औपचारिकता नहीं थी,बल्कि आग से निपटने की तैयारी का अंतिम रिहर्सल था।फायरकर्मियों ने सुनिश्चित किया कि:क्या हाइड्रेंट काम कर रहे हैं सभी हाइड्रेंटों से पानी का प्रेशर और बहाव जांचा गया।क्या उनमें कोई रुकावट है,बंद पड़े या जाम हो चुके हाइड्रेंटों को तुरंत ठीक किया गया।क्या वे आसानी से दिख रहे हैं। यह सुनिश्चित किया गया कि आपातकाल में हाइड्रेंट आसानी से उपलब्ध हो सकें।फायर अधिकारियों ने इस निरीक्षण के बाद स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान आग से सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड को पानी की कमी का सामना न करना पड़े और बहुमूल्य समय बर्बाद न हो।