श्रीनगर में बैकुंठ चतुर्दशी मेला और विकास प्रदर्शनी की तैयारियों की शुरुआत नगर हुआ उत्सव के रंग में रंगा
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। भगवान श्री कमलेश्वर महादेव की पावन भूमि श्रीनगर एक बार फिर अपनी परंपरा और संस्कृति के रंगों में सराबोर होने जा रही है। आगामी 4 नवंबर से आरंभ होने वाले विश्वविख्यात बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी 2025 की तैयारियों का शुभारंभ रविवार को आवास विकास मैदान में भूमि पूजन के साथ हुआ।कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम श्रीनगर द्वारा किया गया।इस अवसर पर महापौर आरती भंडारी,नगर आयुक्त नुपुर वर्मा,प्रभारी निरीक्षक जयपाल सिंह नेगी,पार्षदगण तथा नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजन-अर्चन कर मेले के सफल,सुरक्षित और भव्य आयोजन की कामना की गई।महापौर आरती भंडारी ने कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर की आत्मा है,यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि लोकसंस्कृति,लोककला और सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि नगर निगम इस बार मेले को पहले से अधिक भव्य,स्वच्छ और आकर्षक स्वरूप देने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहा है।नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने बताया कि मेला मैदान को सुव्यवस्थित रूप देने के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। इस वर्ष मेले में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी,कृषि एवं उद्यान विभाग की विकास झांकियां और सांस्कृतिक मंच पर लोकसांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।नगर निगम ने इस बार मेले को स्वच्छता,सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से भी जोड़ा है।मैदान में कचरा पृथक्करण,पेयजल स्टॉल,अस्थायी शौचालय, सुरक्षा गश्त और सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है।भूमि पूजन के साथ ही नगर के प्रमुख मंदिरों श्री कमलेश्वर महादेव,गणेश मंदिर,नागेश्वर महादेव, कटकेश्वर महादेव और कंसमर्दनी आदि की सजावट और रोशनी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। आवास विकास मैदान में स्टॉलों की रूपरेखा,झूला-चर्खियों की स्थापना तथा सांस्कृतिक मंच के निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।गढ़वाल की आस्था और लोकजीवन से गहराई से जुड़ा बैकुंठ चतुर्दशी मेला हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस वर्ष भी नगर निगम और स्थानीय समाज की सहभागिता से यह आयोजन प्रदेश में आस्था,सौहार्द और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
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श्रीनगर में बैकुंठ चतुर्दशी मेला और विकास प्रदर्शनी की तैयारियों की शुरुआत नगर हुआ उत्सव के रंग में रंगा
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। भगवान श्री कमलेश्वर महादेव की पावन भूमि श्रीनगर एक बार फिर अपनी परंपरा और संस्कृति के रंगों में सराबोर होने जा रही है। आगामी 4 नवंबर से आरंभ होने वाले विश्वविख्यात बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी 2025 की तैयारियों का शुभारंभ रविवार को आवास विकास मैदान में भूमि पूजन के साथ हुआ।कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम श्रीनगर द्वारा किया गया।इस अवसर पर महापौर आरती भंडारी,नगर आयुक्त नुपुर वर्मा,प्रभारी निरीक्षक जयपाल सिंह नेगी,पार्षदगण तथा नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजन-अर्चन कर मेले के सफल,सुरक्षित और भव्य आयोजन की कामना की गई।महापौर आरती भंडारी ने कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर की आत्मा है,यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि लोकसंस्कृति,लोककला और सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि नगर निगम इस बार मेले को पहले से अधिक भव्य,स्वच्छ और आकर्षक स्वरूप देने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहा है।नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने बताया कि मेला मैदान को सुव्यवस्थित रूप देने के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। इस वर्ष मेले में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी,कृषि एवं उद्यान विभाग की विकास झांकियां और सांस्कृतिक मंच पर लोकसांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।नगर निगम ने इस बार मेले को स्वच्छता,सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से भी जोड़ा है।मैदान में कचरा पृथक्करण,पेयजल स्टॉल,अस्थायी शौचालय, सुरक्षा गश्त और सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है।भूमि पूजन के साथ ही नगर के प्रमुख मंदिरों श्री कमलेश्वर महादेव,गणेश मंदिर,नागेश्वर महादेव, कटकेश्वर महादेव और कंसमर्दनी आदि की सजावट और रोशनी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। आवास विकास मैदान में स्टॉलों की रूपरेखा,झूला-चर्खियों की स्थापना तथा सांस्कृतिक मंच के निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।गढ़वाल की आस्था और लोकजीवन से गहराई से जुड़ा बैकुंठ चतुर्दशी मेला हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस वर्ष भी नगर निगम और स्थानीय समाज की सहभागिता से यह आयोजन प्रदेश में आस्था,सौहार्द और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।