नीलकंठ ट्रैक पर 18 साल के पर्यटक को 112 की तत्परता ने बचाया जीवन
प्रदीप कुमार
बद्रीनाथ-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।प्रयागराज उत्तर प्रदेश के निवासी आर्यन पुत्र सुनील सिंह उम्र 18 वर्ष ने आज इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 के माध्यम से थाना श्री बद्रीनाथ को सूचना दी।उन्होंने बताया कि वह नीलकंठ बेस कैंप के पास रास्ता भटक गए हैं और उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही है।नीलकंठ का यह ट्रैक अपनी दुर्गमता और ऊँचाई के कारण जाना जाता है,जहाँ अचानक मौसम परिवर्तन और ऑक्सीजन की कमी एक गंभीर चुनौती बन जाती है।सूचना मिलते ही,थाना श्री बद्रीनाथ से हे.कां.लक्ष्मण,कां.सरदार,और एसडीआरएफ के जाँबाज़ जवान तत्काल रेस्क्यू टीम को मौके पर रवाना हुए।पुलिस टीम ने विषम परिस्थितियों को पार करते हुए,बताए गए स्थान पर पहुंचकर पाया कि युवक आर्यन सिंह की हालत गंभीर थी। ऊँचाई के कारण उसे ऑक्सीजन की तीव्र कमी हो रही थी,जिससे उसकी जान को खतरा था।पुलिस और एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने बिना एक पल गंवाए पोर्टेबल ऑक्सीजन के माध्यम से तुरंत युवक को ऑक्सीजन दी,जिससे उसकी जानलेवा स्थिति स्थिर हुई।युवक को सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित तरीके से थाना श्री बद्रीनाथ लाया गया।सुरक्षित थाने पहुंचने पर,जीवनदान पाने वाले युवक आर्यन सिंह ने भावुक होकर उत्तराखंड पुलिस,थाना श्री बद्रीनाथ और एसडीआरएफ टीम का तह दिल से धन्यवाद किया। पर्वतीय और दुर्गम ट्रैकिंग मार्गों पर जाने वाले सभी पर्यटकों से अनुरोध है कि वे आवश्यक सुरक्षा उपकरण मेडिकल किट और स्थानीय गाइड की मदद अवश्य लें।
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नीलकंठ ट्रैक पर 18 साल के पर्यटक को 112 की तत्परता ने बचाया जीवन
प्रदीप कुमार
बद्रीनाथ-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।प्रयागराज उत्तर प्रदेश के निवासी आर्यन पुत्र सुनील सिंह उम्र 18 वर्ष ने आज इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 के माध्यम से थाना श्री बद्रीनाथ को सूचना दी।उन्होंने बताया कि वह नीलकंठ बेस कैंप के पास रास्ता भटक गए हैं और उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही है।नीलकंठ का यह ट्रैक अपनी दुर्गमता और ऊँचाई के कारण जाना जाता है,जहाँ अचानक मौसम परिवर्तन और ऑक्सीजन की कमी एक गंभीर चुनौती बन जाती है।सूचना मिलते ही,थाना श्री बद्रीनाथ से हे.कां.लक्ष्मण,कां.सरदार,और एसडीआरएफ के जाँबाज़ जवान तत्काल रेस्क्यू टीम को मौके पर रवाना हुए।पुलिस टीम ने विषम परिस्थितियों को पार करते हुए,बताए गए स्थान पर पहुंचकर पाया कि युवक आर्यन सिंह की हालत गंभीर थी। ऊँचाई के कारण उसे ऑक्सीजन की तीव्र कमी हो रही थी,जिससे उसकी जान को खतरा था।पुलिस और एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने बिना एक पल गंवाए पोर्टेबल ऑक्सीजन के माध्यम से तुरंत युवक को ऑक्सीजन दी,जिससे उसकी जानलेवा स्थिति स्थिर हुई।युवक को सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित तरीके से थाना श्री बद्रीनाथ लाया गया।सुरक्षित थाने पहुंचने पर,जीवनदान पाने वाले युवक आर्यन सिंह ने भावुक होकर उत्तराखंड पुलिस,थाना श्री बद्रीनाथ और एसडीआरएफ टीम का तह दिल से धन्यवाद किया। पर्वतीय और दुर्गम ट्रैकिंग मार्गों पर जाने वाले सभी पर्यटकों से अनुरोध है कि वे आवश्यक सुरक्षा उपकरण मेडिकल किट और स्थानीय गाइड की मदद अवश्य लें।