श्री बद्रीनाथ धाम: रिकॉर्ड तीर्थयात्री संख्या सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और कपाट बंदी की तैयारियाँ तेज़
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।चारधामों में से एक प्रमुख और पवित्र तीर्थस्थल,श्री बद्रीनाथ धाम इस वर्ष एक अभूतपूर्व तीर्थयात्री संख्या का गवाह बना है,जो देश भर के लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमाण है। अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार,16 लाख 32 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री बद्रीनाथ के पवित्र दर्शन किए हैं। स्थानीय निवासियों और अन्य आगंतुकों को मिलाकर यह संख्या इस वर्ष 17 लाख से अधिक हो चुकी है। हाल की दिल्ली की घटना के मद्देनजर,सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए,श्री बद्रीनाथ धाम में सुरक्षा चौकसी को और भी बढ़ाया गया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए,दो डीएफएमडी स्थापित किए गए हैं और पूरे धाम की लगातार सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से बारीकी से निगरानी की जा रही है। श्री बद्रीनाथ जी के कपाट 25 नवंबर को विधि-विधान के साथ बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंदी की तैयारियों के साथ-साथ,आगामी शीतकालीन यात्रा के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त,यात्रा मार्ग के सभी थानों को पूर्व से ही निर्देशित किया गया है। श्री बद्रीनाथ धाम के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं। विगत वर्ष में हुई हिमस्खलन की घटना,जिनमें दुर्भाग्यवश कुछ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी,को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बद्रीनाथ थाना क्षेत्र को संवेदनशील कर दिया गया है और थानाध्यक्ष बद्रीनाथ को एक विस्तृत सुरक्षा ऑडिट करने हेतु निर्देशत किया गया है। भविष्य में,मजदूरों के आवासन स्थलों के चयन में विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि वे हिमस्खलन या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के संभावित क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रह सकें।
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श्री बद्रीनाथ धाम: रिकॉर्ड तीर्थयात्री संख्या सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और कपाट बंदी की तैयारियाँ तेज़
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।चारधामों में से एक प्रमुख और पवित्र तीर्थस्थल,श्री बद्रीनाथ धाम इस वर्ष एक अभूतपूर्व तीर्थयात्री संख्या का गवाह बना है,जो देश भर के लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमाण है। अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार,16 लाख 32 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री बद्रीनाथ के पवित्र दर्शन किए हैं। स्थानीय निवासियों और अन्य आगंतुकों को मिलाकर यह संख्या इस वर्ष 17 लाख से अधिक हो चुकी है। हाल की दिल्ली की घटना के मद्देनजर,सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए,श्री बद्रीनाथ धाम में सुरक्षा चौकसी को और भी बढ़ाया गया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए,दो डीएफएमडी स्थापित किए गए हैं और पूरे धाम की लगातार सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से बारीकी से निगरानी की जा रही है। श्री बद्रीनाथ जी के कपाट 25 नवंबर को विधि-विधान के साथ बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंदी की तैयारियों के साथ-साथ,आगामी शीतकालीन यात्रा के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त,यात्रा मार्ग के सभी थानों को पूर्व से ही निर्देशित किया गया है। श्री बद्रीनाथ धाम के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं। विगत वर्ष में हुई हिमस्खलन की घटना,जिनमें दुर्भाग्यवश कुछ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी,को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बद्रीनाथ थाना क्षेत्र को संवेदनशील कर दिया गया है और थानाध्यक्ष बद्रीनाथ को एक विस्तृत सुरक्षा ऑडिट करने हेतु निर्देशत किया गया है। भविष्य में,मजदूरों के आवासन स्थलों के चयन में विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि वे हिमस्खलन या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के संभावित क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रह सकें।