प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। औली भ्रमण के बाद लौट रहे पर्यटक का कीमती बैग सड़क पर गिर जाने के बावजूद ईमानदार नागरिकों और चमोली पुलिस की मुस्तैदी से सुरक्षित वापस मिल गया। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। सूरज पुत्र हरिकेश सिंह,निवासी बिलासपुर छत्तीसगढ़,औली से लौटते समय कर्णप्रयाग स्थित बाबा आश्रम के पास वाहन से अपना एक बैग गिरा बैठे। इसकी जानकारी उन्हें काफी देर बाद हुई। बैग में 3290 रुपये नकद,पर्स,एटीएम कार्ड,ड्राइविंग लाइसेंस,आधार कार्ड, एयर बड्स,जूते और कपड़े सहित अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। पीछे से आ रहे कुछ जिम्मेदार नागरिकों की नजर सड़क पर पड़े बैग पर पड़ी। उन्होंने ईमानदारी का परिचय देते हुए बैग को चौकी बाजार कर्णप्रयाग पहुंचाकर पुलिस को सौंप दिया।पुलिस द्वारा बैग की जांच की गई,जिसमें सारा सामान सुरक्षित पाया गया,लेकिन बैग में कोई संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं था। इसके बाद चमोली पुलिस ने संवेदनशीलता और सूझबूझ के साथ बैग के मालिक का पता लगाने के प्रयास शुरू किए। जांच के दौरान पर्स में बैंक में धन जमा करने की एक पर्ची मिली,जिसमें बैग मालिक द्वारा अपने भाई के खाते में राशि जमा की गई थी। उसी पर्ची से भाई सन्नी का मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ।इस नंबर पर संपर्क करने पर पुष्टि हुई कि बैग सूरज का ही है।उस समय तक सूरज धारी देवी होते हुए श्रीनगर पहुंच चुके थे।सूरज ने पुलिस को बताया कि 02 जनवरी 2026 को औली से कर्णप्रयाग आ रहे उनके परिचित के माध्यम से बैग उन्हें सौंप दिया जाए। पुलिस द्वारा पूरी सत्यापन प्रक्रिया के बाद बैग सूरज के परिचित शाहरुख पुत्र हारून अली को सुरक्षित और सही स्थिति में सुपुर्द कर दिया गया।अपना कीमती सामान वापस पाकर सूरज और उनके परिजनों ने थाना कर्णप्रयाग,चौकी बाजार और पूरी चमोली पुलिस की ईमानदारी,तत्परता और भरोसेमंद कार्यशैली की प्रशंसा की। पुलिस टीम,अपर उप निरीक्षक राजीव कुमार,हेड कांस्टेबल भगत लाल,कांस्टेबल नरेश नेगी,कांस्टेबल मनबीर सिंह।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। औली भ्रमण के बाद लौट रहे पर्यटक का कीमती बैग सड़क पर गिर जाने के बावजूद ईमानदार नागरिकों और चमोली पुलिस की मुस्तैदी से सुरक्षित वापस मिल गया। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। सूरज पुत्र हरिकेश सिंह,निवासी बिलासपुर छत्तीसगढ़,औली से लौटते समय कर्णप्रयाग स्थित बाबा आश्रम के पास वाहन से अपना एक बैग गिरा बैठे। इसकी जानकारी उन्हें काफी देर बाद हुई। बैग में 3290 रुपये नकद,पर्स,एटीएम कार्ड,ड्राइविंग लाइसेंस,आधार कार्ड, एयर बड्स,जूते और कपड़े सहित अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। पीछे से आ रहे कुछ जिम्मेदार नागरिकों की नजर सड़क पर पड़े बैग पर पड़ी। उन्होंने ईमानदारी का परिचय देते हुए बैग को चौकी बाजार कर्णप्रयाग पहुंचाकर पुलिस को सौंप दिया।पुलिस द्वारा बैग की जांच की गई,जिसमें सारा सामान सुरक्षित पाया गया,लेकिन बैग में कोई संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं था। इसके बाद चमोली पुलिस ने संवेदनशीलता और सूझबूझ के साथ बैग के मालिक का पता लगाने के प्रयास शुरू किए। जांच के दौरान पर्स में बैंक में धन जमा करने की एक पर्ची मिली,जिसमें बैग मालिक द्वारा अपने भाई के खाते में राशि जमा की गई थी। उसी पर्ची से भाई सन्नी का मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ।इस नंबर पर संपर्क करने पर पुष्टि हुई कि बैग सूरज का ही है।उस समय तक सूरज धारी देवी होते हुए श्रीनगर पहुंच चुके थे।सूरज ने पुलिस को बताया कि 02 जनवरी 2026 को औली से कर्णप्रयाग आ रहे उनके परिचित के माध्यम से बैग उन्हें सौंप दिया जाए। पुलिस द्वारा पूरी सत्यापन प्रक्रिया के बाद बैग सूरज के परिचित शाहरुख पुत्र हारून अली को सुरक्षित और सही स्थिति में सुपुर्द कर दिया गया।अपना कीमती सामान वापस पाकर सूरज और उनके परिजनों ने थाना कर्णप्रयाग,चौकी बाजार और पूरी चमोली पुलिस की ईमानदारी,तत्परता और भरोसेमंद कार्यशैली की प्रशंसा की। पुलिस टीम,अपर उप निरीक्षक राजीव कुमार,हेड कांस्टेबल भगत लाल,कांस्टेबल नरेश नेगी,कांस्टेबल मनबीर सिंह।