प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।चमोली जनपद के थाना पोखरी क्षेत्र में दिसंबर 2025 में टीएचडीसी परियोजना से जुड़े कीमती ACSR Moose Conductor बिजली के तारों की चोरी और एक मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को चमोली पुलिस ने गंभीरता से लिया। इन मामलों में दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान अपराध के शीघ्र खुलासे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।निर्देशों के अनुपालन में पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्य,सर्विलांस और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार दबिशें दीं। कार्रवाई के दौरान अंतर्राज्यीय संगठित चोर गिरोह के सदस्य सलीम,निवासी अकबराबाद,जनपद बिजनौर को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर लगभग 1.40 लाख रुपये मूल्य के ACSR Moose Conductor बिजली के तार और चोरी की मोटरसाइकिल संख्या UK 07DA 6127 बरामद की गई।
जांच में सामने आया कि गिरोह के अन्य सदस्य शहजाद,नदीम और दानिश,सभी निवासी जनपद बिजनौर,भी इन आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे।अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की गहन जांच में खुलासा हुआ कि शहजाद के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कुल 16 मुकदमे,नदीम के खिलाफ 5,सलीम के खिलाफ 3 और दानिश के खिलाफ भी 3 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। शहजाद को पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नजीबाबाद क्षेत्र से गिरफ्तार कर जिला कारागार बिजनौर में निरुद्ध किया गया है।सलीम वर्तमान में पुरसाडी जेल में बंद है,जिनके विरुद्ध न्यायालय से प्राप्त वारंट के निष्पादन की कार्यवाही चल रही है। शेष दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त एक संगठित गिरोह के रूप में योजनाबद्ध तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इनके कृत्यों से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था,जिससे आमजन इनके खिलाफ बोलने से भी कतराने लगे थे। गिरोह की संगठित आपराधिक गतिविधियों और जनसुरक्षा पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए चमोली पुलिस ने अभियुक्तों का विस्तृत गैंगचार्ट तैयार कर जिला प्रशासन से अनुमोदन प्राप्त किया। अनुमोदन के बाद गिरोह और उसके सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई है। इसके साथ ही अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों की गहन जांच की जा रही है। जांच में चिन्हित की जाने वाली अवैध संपत्तियों को नियमानुसार जब्त और कुर्क किए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। चमोली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में संगठित अपराध,अंतर्राज्यीय गिरोह और जनता में भय फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।चमोली जनपद के थाना पोखरी क्षेत्र में दिसंबर 2025 में टीएचडीसी परियोजना से जुड़े कीमती ACSR Moose Conductor बिजली के तारों की चोरी और एक मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को चमोली पुलिस ने गंभीरता से लिया। इन मामलों में दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान अपराध के शीघ्र खुलासे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।निर्देशों के अनुपालन में पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्य,सर्विलांस और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार दबिशें दीं। कार्रवाई के दौरान अंतर्राज्यीय संगठित चोर गिरोह के सदस्य सलीम,निवासी अकबराबाद,जनपद बिजनौर को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर लगभग 1.40 लाख रुपये मूल्य के ACSR Moose Conductor बिजली के तार और चोरी की मोटरसाइकिल संख्या UK 07DA 6127 बरामद की गई।
जांच में सामने आया कि गिरोह के अन्य सदस्य शहजाद,नदीम और दानिश,सभी निवासी जनपद बिजनौर,भी इन आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे।अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की गहन जांच में खुलासा हुआ कि शहजाद के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कुल 16 मुकदमे,नदीम के खिलाफ 5,सलीम के खिलाफ 3 और दानिश के खिलाफ भी 3 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। शहजाद को पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नजीबाबाद क्षेत्र से गिरफ्तार कर जिला कारागार बिजनौर में निरुद्ध किया गया है।सलीम वर्तमान में पुरसाडी जेल में बंद है,जिनके विरुद्ध न्यायालय से प्राप्त वारंट के निष्पादन की कार्यवाही चल रही है। शेष दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त एक संगठित गिरोह के रूप में योजनाबद्ध तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इनके कृत्यों से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था,जिससे आमजन इनके खिलाफ बोलने से भी कतराने लगे थे। गिरोह की संगठित आपराधिक गतिविधियों और जनसुरक्षा पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए चमोली पुलिस ने अभियुक्तों का विस्तृत गैंगचार्ट तैयार कर जिला प्रशासन से अनुमोदन प्राप्त किया। अनुमोदन के बाद गिरोह और उसके सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई है। इसके साथ ही अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों की गहन जांच की जा रही है। जांच में चिन्हित की जाने वाली अवैध संपत्तियों को नियमानुसार जब्त और कुर्क किए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। चमोली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में संगठित अपराध,अंतर्राज्यीय गिरोह और जनता में भय फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।