प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार कनखल क्षेत्र के अजीतपुर भगवती पुरम स्थित पाठशाला में जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने पहुंचकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। यह पाठशाला सत्यम हेल्प फाउंडेशन द्वारा संचालित की जा रही है। जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद कर शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मन लगाकर पढ़ाई करना आवश्यक है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मेहनत और लगन से पढ़ाई करने पर ही सफलता मिलती है और यह प्रयास लगातार जारी रहना चाहिए। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य तय कर निरंतर परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया। पाठशाला में अध्ययनरत बच्चों से जिलाधिकारी ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली।बच्चों द्वारा बताई गई परेशानियों पर उन्होंने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने बच्चों को खेलकूद में भाग लेने की सलाह देते हुए कहा कि खेल से शरीर स्वस्थ रहता है और पढ़ाई में भी एकाग्रता बनी रहती है। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बच्चों को ट्रैक सूट वितरित किए और स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने सत्यम हेल्प फाउंडेशन द्वारा संचालित इस निःशुल्क पाठशाला की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।सत्यम हेल्प फाउंडेशन के संरक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार अरुण कश्यप ने बताया कि पाठशाला में लगभग 80 बच्चे तीन बैचों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है और प्रत्येक शनिवार को उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेलकूद गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान पाठशाला स्टाफ से शीतल टंडन,आशा,खुशी कश्यप,वैभव भाटिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार कनखल क्षेत्र के अजीतपुर भगवती पुरम स्थित पाठशाला में जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने पहुंचकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। यह पाठशाला सत्यम हेल्प फाउंडेशन द्वारा संचालित की जा रही है। जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद कर शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मन लगाकर पढ़ाई करना आवश्यक है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मेहनत और लगन से पढ़ाई करने पर ही सफलता मिलती है और यह प्रयास लगातार जारी रहना चाहिए। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य तय कर निरंतर परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया। पाठशाला में अध्ययनरत बच्चों से जिलाधिकारी ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली।बच्चों द्वारा बताई गई परेशानियों पर उन्होंने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने बच्चों को खेलकूद में भाग लेने की सलाह देते हुए कहा कि खेल से शरीर स्वस्थ रहता है और पढ़ाई में भी एकाग्रता बनी रहती है। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बच्चों को ट्रैक सूट वितरित किए और स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने सत्यम हेल्प फाउंडेशन द्वारा संचालित इस निःशुल्क पाठशाला की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।सत्यम हेल्प फाउंडेशन के संरक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार अरुण कश्यप ने बताया कि पाठशाला में लगभग 80 बच्चे तीन बैचों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है और प्रत्येक शनिवार को उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेलकूद गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान पाठशाला स्टाफ से शीतल टंडन,आशा,खुशी कश्यप,वैभव भाटिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।