प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। देहरादून स्थित प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026 के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देहरादून महानगर की ओर से भव्य और गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,पार्टी पदाधिकारी,कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सामूहिक जलाभिषेक,दीप प्रज्वलन और ऊँकार जप के माध्यम से किया गया। इसके बाद सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी महत्व को लेकर विचार-विमर्श एवं बैठक आयोजित हुई। प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने संबोधन में कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान दिवस भारत की सनातन संस्कृति,आत्मगौरव और राष्ट्र चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं,बल्कि भारत की उस आत्मा का प्रतीक है,जिसे अनेक बार आघात पहुंचाए गए,लेकिन उसे कभी झुकाया नहीं जा सका। उन्होंने बताया कि वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026 मनाया जा रहा है,ताकि आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति की निरंतरता,जीवटता और संघर्षशीलता का संदेश दिया जा सके। इतिहास इस बात का साक्षी है कि सोमनाथ मंदिर को बार-बार ध्वस्त किया गया,लेकिन हर बार राष्ट्र की चेतना ने उसका पुनर्निर्माण किया। यह भारत की अटूट आस्था और स्वाभिमान की विजय का प्रतीक है। महेंद्र भट्ट ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्र भारत में सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रतीक बना,जिसने देश को नई दिशा दी। वर्तमान समय में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पुनः सम्मान और गौरव के साथ स्थापित कर रहा है। देहरादून महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान दिवस युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने सदैव सनातन परंपराओं के संरक्षण और प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और टपकेश्वर महादेव जैसे पवित्र स्थल पर इस आयोजन का विशेष महत्व है। राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुसरण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास यह दर्शाता है कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा अमर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्रभक्ति,सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भाजपा देहरादून महानगर के मंडल अध्यक्ष,पार्षद,विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सनातन संस्कृति की रक्षा,राष्ट्र की एकता और स्वाभिमान को बनाए रखने का संकल्प लिया।
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प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। देहरादून स्थित प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026 के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देहरादून महानगर की ओर से भव्य और गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,पार्टी पदाधिकारी,कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सामूहिक जलाभिषेक,दीप प्रज्वलन और ऊँकार जप के माध्यम से किया गया। इसके बाद सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी महत्व को लेकर विचार-विमर्श एवं बैठक आयोजित हुई। प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने संबोधन में कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान दिवस भारत की सनातन संस्कृति,आत्मगौरव और राष्ट्र चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं,बल्कि भारत की उस आत्मा का प्रतीक है,जिसे अनेक बार आघात पहुंचाए गए,लेकिन उसे कभी झुकाया नहीं जा सका। उन्होंने बताया कि वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026 मनाया जा रहा है,ताकि आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति की निरंतरता,जीवटता और संघर्षशीलता का संदेश दिया जा सके। इतिहास इस बात का साक्षी है कि सोमनाथ मंदिर को बार-बार ध्वस्त किया गया,लेकिन हर बार राष्ट्र की चेतना ने उसका पुनर्निर्माण किया। यह भारत की अटूट आस्था और स्वाभिमान की विजय का प्रतीक है। महेंद्र भट्ट ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्र भारत में सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रतीक बना,जिसने देश को नई दिशा दी। वर्तमान समय में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पुनः सम्मान और गौरव के साथ स्थापित कर रहा है। देहरादून महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान दिवस युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने सदैव सनातन परंपराओं के संरक्षण और प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और टपकेश्वर महादेव जैसे पवित्र स्थल पर इस आयोजन का विशेष महत्व है। राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुसरण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास यह दर्शाता है कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा अमर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्रभक्ति,सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भाजपा देहरादून महानगर के मंडल अध्यक्ष,पार्षद,विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सनातन संस्कृति की रक्षा,राष्ट्र की एकता और स्वाभिमान को बनाए रखने का संकल्प लिया।