प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और पुलिसिंग को प्रो-एक्टिव करने के उद्देश्य से 12 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने जनपद के ‘नर्व सेंटर’ कहे जाने वाले जिला नियंत्रण कक्ष,डायल 112 और स्थानीय अभिसूचना इकाई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत जिला नियंत्रण कक्ष से की गई,जहां एसपी ने सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित लॉग बुक और अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा,दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलते ही संबंधित थाना या चौकी प्रभारी को बिना विलंब के अलर्ट किया जाए और प्रतिक्रिया समय शून्य के करीब रखा जाए। जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और यातायात को सुचारू रखने को लेकर एसपी ने विशेष दिशा-निर्देश दिए। गोपेश्वर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की स्थिति का संज्ञान लेते हुए उन्होंने बार-बार जाम लगने वाले स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए।इन ट्रैफिक हॉट स्पॉट क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी के लिए नए सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा खराब या निष्क्रिय कैमरों को तत्काल दुरुस्त कराने को कहा,ताकि तकनीक के माध्यम से यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की बेहतर निगरानी सुनिश्चित की जा सके। डायल 112 शाखा के निरीक्षण के दौरान एसपी ने आपात कॉल पर पुलिस के रिस्पांस टाइम का बारीकी से विश्लेषण किया।उन्होंने स्पष्ट किया कि सहायता के लिए आने वाली प्रत्येक कॉल पर पुलिस की प्रतिक्रिया त्वरित और प्रभावी होनी चाहिए। साथ ही अभिलेखों के रखरखाव और डिजिटल डेटा को अद्यतन रखने के भी निर्देश दिए गए। स्थानीय अभिसूचना इकाई के कार्यालय में पहुंचकर एसपी चमोली ने गोपनीय अभिलेखों की जांच की और पासपोर्ट सत्यापन,चरित्र सत्यापन जैसे जनहित से जुड़े मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने के निर्देश दिए,ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट और निरीक्षक अभिसूचना इकाई सचिन चौहान भी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और पुलिसिंग को प्रो-एक्टिव करने के उद्देश्य से 12 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने जनपद के ‘नर्व सेंटर’ कहे जाने वाले जिला नियंत्रण कक्ष,डायल 112 और स्थानीय अभिसूचना इकाई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत जिला नियंत्रण कक्ष से की गई,जहां एसपी ने सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित लॉग बुक और अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा,दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलते ही संबंधित थाना या चौकी प्रभारी को बिना विलंब के अलर्ट किया जाए और प्रतिक्रिया समय शून्य के करीब रखा जाए। जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और यातायात को सुचारू रखने को लेकर एसपी ने विशेष दिशा-निर्देश दिए। गोपेश्वर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की स्थिति का संज्ञान लेते हुए उन्होंने बार-बार जाम लगने वाले स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए।इन ट्रैफिक हॉट स्पॉट क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी के लिए नए सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा खराब या निष्क्रिय कैमरों को तत्काल दुरुस्त कराने को कहा,ताकि तकनीक के माध्यम से यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की बेहतर निगरानी सुनिश्चित की जा सके। डायल 112 शाखा के निरीक्षण के दौरान एसपी ने आपात कॉल पर पुलिस के रिस्पांस टाइम का बारीकी से विश्लेषण किया।उन्होंने स्पष्ट किया कि सहायता के लिए आने वाली प्रत्येक कॉल पर पुलिस की प्रतिक्रिया त्वरित और प्रभावी होनी चाहिए। साथ ही अभिलेखों के रखरखाव और डिजिटल डेटा को अद्यतन रखने के भी निर्देश दिए गए। स्थानीय अभिसूचना इकाई के कार्यालय में पहुंचकर एसपी चमोली ने गोपनीय अभिलेखों की जांच की और पासपोर्ट सत्यापन,चरित्र सत्यापन जैसे जनहित से जुड़े मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने के निर्देश दिए,ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट और निरीक्षक अभिसूचना इकाई सचिन चौहान भी उपस्थित रहे।