प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।पौड़ी जनपद में पुलिस की सतर्कता और मानवीय पहल से नौकरी की तलाश में भटके चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। यह कार्रवाई एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ऑपरेशन स्माइल कोटद्वार और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। दिनांक 16 जनवरी 2026 को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम द्वारा दुगड्डा क्षेत्र में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश और भौतिक सत्यापन के दौरान दुगड्डा चौकी के पास पुल पर दो बालिकाएं और दो बालक संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ में चारों ने बताया कि वे रोहिणी,दिल्ली के निवासी हैं और बिना परिजनों को सूचना दिए नौकरी की तलाश में घर से निकल आए थे।तत्काल चारों नाबालिगों को पुलिस चौकी दुगड्डा लाया गया,जहां परिजनों से संपर्क किया गया। परिजनों द्वारा दिल्ली के संबंधित थाने में गुमशुदगी दर्ज कराए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद चारों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति कोटद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से दो बालकों को कोतवाली कोटद्वार और दो बालिकाओं को राजकीय महिला एवं किशोरी पुनर्वास केंद्र सिंबलचौड़ में सुरक्षित रखा गया।दिनांक 17 जनवरी 2026 को परिजनों के कोटद्वार पहुंचने पर बाल कल्याण समिति की उपस्थिति में नाबालिगों और उनके परिजनों की काउंसलिंग कराई गई। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चारों नाबालिग बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। यह कार्रवाई पौड़ी पुलिस द्वारा बच्चों की सुरक्षा और भटके हुए नाबालिगों को सही राह दिखाने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही। पुलिस टीम,महिला उप निरीक्षक सुमनलता,कांस्टेबल शूरवीर,महिला कांस्टेबल विद्या मेहता।
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प्रदीप कुमार कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।पौड़ी जनपद में पुलिस की सतर्कता और मानवीय पहल से नौकरी की तलाश में भटके चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। यह कार्रवाई एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ऑपरेशन स्माइल कोटद्वार और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। दिनांक 16 जनवरी 2026 को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम द्वारा दुगड्डा क्षेत्र में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश और भौतिक सत्यापन के दौरान दुगड्डा चौकी के पास पुल पर दो बालिकाएं और दो बालक संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ में चारों ने बताया कि वे रोहिणी,दिल्ली के निवासी हैं और बिना परिजनों को सूचना दिए नौकरी की तलाश में घर से निकल आए थे।तत्काल चारों नाबालिगों को पुलिस चौकी दुगड्डा लाया गया,जहां परिजनों से संपर्क किया गया। परिजनों द्वारा दिल्ली के संबंधित थाने में गुमशुदगी दर्ज कराए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद चारों नाबालिगों को बाल कल्याण समिति कोटद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से दो बालकों को कोतवाली कोटद्वार और दो बालिकाओं को राजकीय महिला एवं किशोरी पुनर्वास केंद्र सिंबलचौड़ में सुरक्षित रखा गया।दिनांक 17 जनवरी 2026 को परिजनों के कोटद्वार पहुंचने पर बाल कल्याण समिति की उपस्थिति में नाबालिगों और उनके परिजनों की काउंसलिंग कराई गई। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चारों नाबालिग बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। यह कार्रवाई पौड़ी पुलिस द्वारा बच्चों की सुरक्षा और भटके हुए नाबालिगों को सही राह दिखाने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही। पुलिस टीम,महिला उप निरीक्षक सुमनलता,कांस्टेबल शूरवीर,महिला कांस्टेबल विद्या मेहता।