प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद हरिद्वार में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षामंत्री धन सिंह रावत के नेतृत्व एवं निर्देशन में ‘मिशन ज्ञान गंगा’ के अंतर्गत सुलभ शिक्षा का आभासी पायलट प्रकल्प प्रारंभ किया गया। इस परियोजना का शुभारंभ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्रा के मार्गदर्शन में तथा नोडल अधिकारी एवं डायट प्राचार्य मेराज अहमद के समन्वय से किया गया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जनपद के छात्र-छात्राओं को उनकी रुचि के अनुसार समान,सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके तहत कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से विषय आधारित शिक्षण सामग्री तैयार की गई है, जिससे कठिन विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझाया जा सके। डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने बताया कि मिशन ज्ञान गंगा केवल एक शैक्षिक परियोजना नहीं,बल्कि शिक्षा को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। इस पहल के तहत दस सदस्यीय शिक्षकों की समिति गठित की गई है, जो विषय-विशेषज्ञों द्वारा संकल्पना आधारित वीडियो कंटेंट तैयार करेगी। इससे विद्यार्थियों में विषय की समझ,आत्मविश्वास और सीखने की रुचि विकसित होगी,साथ ही यह कंटेंट शिक्षकों के लिए भी कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इस परियोजना को हरिद्वार को शैक्षिक नवाचार और मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मिशन ज्ञान गंगा के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम की जानकारी वीडियो के जरिए दी जाएगी,जिससे सीखने की प्रक्रिया और अधिक सहज होगी। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्रा ने इसे प्रदेश स्तर पर एक अभिनव शैक्षिक प्रयोग बताते हुए अन्य जनपदों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सभी विद्यार्थियों तक समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के आधार पर मिशन ज्ञान गंगा का विस्तार आगे और किया जाएगा,ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। मिशन ज्ञान गंगा टीम में प्राचार्य डायट रुड़की मेराज अहमद (नोडल),नरेन्द्र सिंह वालिया,राजीव आर्य,अनिल धीमान,डॉ.अनिता सिंह,संजय शर्मा,राजीव कुमार शर्मा,अमरीन नाज,हेमेंद्र चौहान और कविता शर्मा शामिल हैं।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद हरिद्वार में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षामंत्री धन सिंह रावत के नेतृत्व एवं निर्देशन में ‘मिशन ज्ञान गंगा’ के अंतर्गत सुलभ शिक्षा का आभासी पायलट प्रकल्प प्रारंभ किया गया। इस परियोजना का शुभारंभ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्रा के मार्गदर्शन में तथा नोडल अधिकारी एवं डायट प्राचार्य मेराज अहमद के समन्वय से किया गया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जनपद के छात्र-छात्राओं को उनकी रुचि के अनुसार समान,सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके तहत कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से विषय आधारित शिक्षण सामग्री तैयार की गई है, जिससे कठिन विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझाया जा सके। डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने बताया कि मिशन ज्ञान गंगा केवल एक शैक्षिक परियोजना नहीं,बल्कि शिक्षा को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। इस पहल के तहत दस सदस्यीय शिक्षकों की समिति गठित की गई है, जो विषय-विशेषज्ञों द्वारा संकल्पना आधारित वीडियो कंटेंट तैयार करेगी। इससे विद्यार्थियों में विषय की समझ,आत्मविश्वास और सीखने की रुचि विकसित होगी,साथ ही यह कंटेंट शिक्षकों के लिए भी कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इस परियोजना को हरिद्वार को शैक्षिक नवाचार और मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मिशन ज्ञान गंगा के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम की जानकारी वीडियो के जरिए दी जाएगी,जिससे सीखने की प्रक्रिया और अधिक सहज होगी। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्रा ने इसे प्रदेश स्तर पर एक अभिनव शैक्षिक प्रयोग बताते हुए अन्य जनपदों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सभी विद्यार्थियों तक समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के आधार पर मिशन ज्ञान गंगा का विस्तार आगे और किया जाएगा,ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। मिशन ज्ञान गंगा टीम में प्राचार्य डायट रुड़की मेराज अहमद (नोडल),नरेन्द्र सिंह वालिया,राजीव आर्य,अनिल धीमान,डॉ.अनिता सिंह,संजय शर्मा,राजीव कुमार शर्मा,अमरीन नाज,हेमेंद्र चौहान और कविता शर्मा शामिल हैं।