श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। भागीरथी कला संगम की मासिक बैठक आज स्थानीय कल्यानेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत संस्था के उपाध्यक्ष मुकेश नौटियाल के पिता तथा सचिव पदमेंद्र रावत की माता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए की गई। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात बैठक में आगामी होली पर्व के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि होली के अवसर पर संस्था द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान होलियारों के साथ नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पारंपरिक होली गीतों का सामूहिक गायन किया जाएगा, जिससे लोक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। बैठक को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल ने कहा कि होली हमारा पारंपरिक और सांस्कृतिक त्योहार है,जिसे आपसी भाईचारे और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागीरथी कला संगम का उद्देश्य पारंपरिक लोक पर्वों और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उन्हें इसके प्रति जागरूक करना है। बैठक में रमेश चंद्र थपलियाल,मदन गडोई, भगत सिंह बिष्ट,हरेंद्र तोमर,राजेंद्र सिंह रावत,रवि पुरी,धर्मेंद्र, संजय कोठारी,किशोरी नौटियाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने प्रस्तावित होली कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया।
Spread the love
श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। भागीरथी कला संगम की मासिक बैठक आज स्थानीय कल्यानेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत संस्था के उपाध्यक्ष मुकेश नौटियाल के पिता तथा सचिव पदमेंद्र रावत की माता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए की गई। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात बैठक में आगामी होली पर्व के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि होली के अवसर पर संस्था द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान होलियारों के साथ नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पारंपरिक होली गीतों का सामूहिक गायन किया जाएगा, जिससे लोक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। बैठक को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल ने कहा कि होली हमारा पारंपरिक और सांस्कृतिक त्योहार है,जिसे आपसी भाईचारे और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागीरथी कला संगम का उद्देश्य पारंपरिक लोक पर्वों और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उन्हें इसके प्रति जागरूक करना है। बैठक में रमेश चंद्र थपलियाल,मदन गडोई, भगत सिंह बिष्ट,हरेंद्र तोमर,राजेंद्र सिंह रावत,रवि पुरी,धर्मेंद्र, संजय कोठारी,किशोरी नौटियाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने प्रस्तावित होली कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया।