प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। रुद्रप्रयाग जनपद में सतत विकास लक्ष्यों SDG पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने की। कार्यशाला में सीपीपीजीजी-नियोजन विभाग एवं पीएम गतिशक्ति से जुड़े विषय विशेषज्ञों द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु डेटा आधारित योजना निर्माण, संसाधनों के समन्वित उपयोग तथा अवसंरचना विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में बताया गया कि नीति आयोग द्वारा प्रकाशित एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य ने सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।इसी क्रम में जनपद स्तर पर भी 17 सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत विभिन्न संकेतकों की समीक्षा की गई। पूर्व वर्षों के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए उन क्षेत्रों की पहचान की गई जहां सुधार की आवश्यकता है।विशेषज्ञों ने इन संकेतकों में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु आवश्यक रणनीतियों पर सुझाव साझा किए। इसके साथ ही विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047 की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी दी गई।बताया गया कि विकसित राज्य की परिकल्पना केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए बेहतर जीवन स्तर समग्र कल्याण रोजगार सृजन पर्यावरण संरक्षण और जलवायु-संवेदनशील अवसंरचना निर्माण इसका प्रमुख उद्देश्य है। तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से सुशासन और सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी बल दिया गया। विजन-2027 के अंतर्गत फाउंडेशन फेज की रणनीतियों एवं प्रमुख फोकस सेक्टर्स की जानकारी देते हुए जनपद स्तरीय विजन दस्तावेज तैयार करने हेतु आवश्यक डाटा संकलन एवं कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में पीएम गतिशक्ति पोर्टल के संचालन एवं उपयोगिता पर प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह जीआईएस आधारित एकीकृत योजना एवं मॉनिटरिंग प्रणाली है जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अवसंरचना विकास को गति प्रदान करती है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए जनपद को विकास के मानकों पर अग्रणी बनाया जाए। उन्होंने समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने पर जोर दिया।उन्होंने स्पष्ट किया कि आजीविका संवर्धन स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों से रुद्रप्रयाग को सतत विकास की दिशा में मजबूत किया जाएगा।कार्यशाला में सीपीपीजीजी विशेषज्ञ प्रियंका चौहान पीएम गतिशक्ति विशेषज्ञ कैलाश रावत एवं तपन घोष जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट खण्ड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का खण्ड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा जिला समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। रुद्रप्रयाग जनपद में सतत विकास लक्ष्यों SDG पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने की। कार्यशाला में सीपीपीजीजी-नियोजन विभाग एवं पीएम गतिशक्ति से जुड़े विषय विशेषज्ञों द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु डेटा आधारित योजना निर्माण, संसाधनों के समन्वित उपयोग तथा अवसंरचना विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में बताया गया कि नीति आयोग द्वारा प्रकाशित एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य ने सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।इसी क्रम में जनपद स्तर पर भी 17 सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत विभिन्न संकेतकों की समीक्षा की गई। पूर्व वर्षों के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए उन क्षेत्रों की पहचान की गई जहां सुधार की आवश्यकता है।विशेषज्ञों ने इन संकेतकों में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु आवश्यक रणनीतियों पर सुझाव साझा किए। इसके साथ ही विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047 की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी दी गई।बताया गया कि विकसित राज्य की परिकल्पना केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए बेहतर जीवन स्तर समग्र कल्याण रोजगार सृजन पर्यावरण संरक्षण और जलवायु-संवेदनशील अवसंरचना निर्माण इसका प्रमुख उद्देश्य है। तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से सुशासन और सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी बल दिया गया। विजन-2027 के अंतर्गत फाउंडेशन फेज की रणनीतियों एवं प्रमुख फोकस सेक्टर्स की जानकारी देते हुए जनपद स्तरीय विजन दस्तावेज तैयार करने हेतु आवश्यक डाटा संकलन एवं कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में पीएम गतिशक्ति पोर्टल के संचालन एवं उपयोगिता पर प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह जीआईएस आधारित एकीकृत योजना एवं मॉनिटरिंग प्रणाली है जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अवसंरचना विकास को गति प्रदान करती है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए जनपद को विकास के मानकों पर अग्रणी बनाया जाए। उन्होंने समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने पर जोर दिया।उन्होंने स्पष्ट किया कि आजीविका संवर्धन स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों से रुद्रप्रयाग को सतत विकास की दिशा में मजबूत किया जाएगा।कार्यशाला में सीपीपीजीजी विशेषज्ञ प्रियंका चौहान पीएम गतिशक्ति विशेषज्ञ कैलाश रावत एवं तपन घोष जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट खण्ड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का खण्ड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा जिला समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।