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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी कुंभ मेले के सुव्यवस्थित और सफल आयोजन के लिए अखाड़ों धार्मिक संस्थाओं एवं साधु-संतों के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की दिशा में मेला प्रशासन लगातार विचार-विमर्श कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को सीसीआर भवन में मेला अधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में कुंभ क्षेत्र के आश्रम संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आश्रमों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार और मेला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस विराट धार्मिक आयोजन को दिव्य और भव्य बनाने में सभी आश्रम अपनी पूर्ण क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ सहयोग करेंगे। मेला अधिकारी सोनिका ने आश्रम संचालकों को भरोसा दिलाया कि कुंभ मेले के दौरान आश्रमों को समुचित सुविधाएं और आवश्यक सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने मेला प्रशासन के अधिकारियों के दूरभाष नंबर साझा करते हुए कहा कि किसी भी समस्या सुझाव या सहायता के लिए आश्रम प्रतिनिधि सीधे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अखाड़ों आश्रमों धार्मिक संगठनों और संत समाज के साथ निरंतर संवाद और समन्वय की प्रभावी व्यवस्था की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि कुंभ मेले के अंतर्गत हरिद्वार में प्रकाश एवं ध्वनि कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। साथ ही संपूर्ण कुंभ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और सजावट के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण के साथ सुव्यवस्थित सुविधाएं भी मिल सकें। मेला अधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला आस्था आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक परंपरा का महापर्व है जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं।इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए आश्रमों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था का मुख्य दायित्व आश्रमों पर रहता है। इसके अतिरिक्त मेले की विभिन्न व्यवस्थाओं में भी आश्रमों का सहयोग अपेक्षित है।उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन आश्रमों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती ने मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सभी प्रमुख स्थायी कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं और उन्हें आगामी अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।कुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सड़कों पुलों और घाटों के सुधार एवं विस्तार का कार्य प्रगति पर है। स्वच्छता सुरक्षा और सुगम आवागमन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक में महामंडलेश्वर यतीन्द्रानंद गिरी महामंडलेश्वर रूपेन्द्र प्रकाश महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महामंडलेश्वर मैत्री गिरी महामंडलेश्वर हेमा सरस्वती महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद तथा महंत ऋषेश्वरानंद सहित अन्य संतों ने तैयारियों की सराहना करते हुए कुंभ मेले के भव्य आयोजन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। आश्रम प्रतिनिधियों ने कुंभ क्षेत्र में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के विशेष प्रबंध तथा पॉलीथीन पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर बल दिया। प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान यातायात प्रतिबंध लागू होने की स्थिति में रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से शटल वाहन सेवा संचालित करने मोतीचूर और रायवाला रेलवे स्टेशनों पर सभी ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने मेला अवधि में आश्रमों द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा को ध्यान में रखते हुए बिजली और पानी के बिलों में राहत देने तथा सड़कों और घाटों के शीघ्र सुधार जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे गए।बैठक में महंत दुर्गादास महंत आशुतोष मुनि महंत कपिल मुनि महंत कृष्ण मुनि महंत दिनेश दास महंत गंगा दास महंत ओम दास महंत संदीप वेदालंकार स्वामी रविदेव शास्त्री स्वामी शिवम महंत आचार्य हरिहरानंद स्वामी ज्ञानानंद जयपाल शर्मा और बलजिंदर शास्त्री सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए और मेले के सफल आयोजन में पूर्ण सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैठक में उप मेला अधिकारी आकाश जोशी मनजीत सिंह गिल विशेष कार्याधिकारी इंद्रेश लोहनी व्यवस्थाधिकारी विकास शर्मा सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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