प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) से सहायता की मदों एवं मानकों में संशोधन के संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत निर्धारित मानकों में संभावित संशोधन को लेकर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अपने लिखित सुझाव एवं आख्या शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं—सिंचाई विभाग लोनिवि आरडब्ल्यूडी पेयजल निगम खंड विकास अधिकारियों आदि—को आपदा प्रबंधन के तहत स्वीकृत योजनाओं के कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्ण हो चुके कार्यों का थर्ड पार्टी निरीक्षण कर उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) तत्काल जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनपद में स्थित नालों एवं गदेरों की प्राथमिकता से सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है वहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने के लिए तत्परता से कार्यवाही करने को कहा ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अनटाइड फंड के अंतर्गत जारी धनराशि से कराए जा रहे निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने विभिन्न विभागों को उपलब्ध कराई गई धनराशि एवं उसके सापेक्ष व्यय की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में अपर जिलाधिकारी पी.आर.चौहान उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी आकाश जोशी अधिशासी अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह जिला पशु चिकित्साधिकारी डी.के.चंद्र जिला कृषि अधिकारी गोपाल भंडारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) से सहायता की मदों एवं मानकों में संशोधन के संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत निर्धारित मानकों में संभावित संशोधन को लेकर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अपने लिखित सुझाव एवं आख्या शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं—सिंचाई विभाग लोनिवि आरडब्ल्यूडी पेयजल निगम खंड विकास अधिकारियों आदि—को आपदा प्रबंधन के तहत स्वीकृत योजनाओं के कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्ण हो चुके कार्यों का थर्ड पार्टी निरीक्षण कर उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) तत्काल जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनपद में स्थित नालों एवं गदेरों की प्राथमिकता से सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है वहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने के लिए तत्परता से कार्यवाही करने को कहा ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अनटाइड फंड के अंतर्गत जारी धनराशि से कराए जा रहे निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने विभिन्न विभागों को उपलब्ध कराई गई धनराशि एवं उसके सापेक्ष व्यय की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में अपर जिलाधिकारी पी.आर.चौहान उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी आकाश जोशी अधिशासी अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह जिला पशु चिकित्साधिकारी डी.के.चंद्र जिला कृषि अधिकारी गोपाल भंडारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।