प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। केन्द्रीय विद्यालय एसएसबी श्रीनगर गढ़वाल में 16 फरवरी 2026 को कक्षा 9 से 11 तक के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए भूकंप अभियांत्रिकी से संबंधित एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार परिषद (पूर्ववर्ती विज्ञान एवं अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड) के वैज्ञानिक सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एक शोध परियोजना के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन National Institute of Technology Uttarakhand (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखण्ड) के सिविल अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधान अन्वेषक डॉ.स्मिता कालोनी तथा सह-प्रधान अन्वेषक डॉ.शशांक भाटरा ने किया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को एक-अक्षीय बल संतुलन त्वरणमापी यंत्र के माध्यम से कंपन मापन की प्रक्रिया समझाई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह यंत्र भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाले कंपन और त्वरण को मापने में उपयोगी होता है। इसके माध्यम से संरचनाओं की गतिशील प्रतिक्रिया का अध्ययन किया जाता है जिससे भवनों की मजबूती और सुरक्षा का आकलन किया जा सकता है।विशेष रूप से भूकंप संभावित एवं पर्वतीय क्षेत्रों में भवनों की निगरानी के लिए इस प्रकार के उपकरण अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उपकरण का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को उसके कार्य सिद्धांत और व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रस्तुति को सरल रोचक एवं उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया जिससे छात्र-छात्राएं विषय को आसानी से समझ सके। कार्यक्रम के अंत में एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने भूकंप सुरक्षा भवनों की संरचनात्मक स्थिरता तथा सिविल अभियांत्रिकी में शोध एवं कैरियर के अवसरों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का संतोषजनक समाधान किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें अभियांत्रिकी और अनुसंधान के क्षेत्र की ओर प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। केन्द्रीय विद्यालय एसएसबी श्रीनगर गढ़वाल में 16 फरवरी 2026 को कक्षा 9 से 11 तक के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए भूकंप अभियांत्रिकी से संबंधित एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार परिषद (पूर्ववर्ती विज्ञान एवं अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड) के वैज्ञानिक सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एक शोध परियोजना के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन National Institute of Technology Uttarakhand (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखण्ड) के सिविल अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधान अन्वेषक डॉ.स्मिता कालोनी तथा सह-प्रधान अन्वेषक डॉ.शशांक भाटरा ने किया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को एक-अक्षीय बल संतुलन त्वरणमापी यंत्र के माध्यम से कंपन मापन की प्रक्रिया समझाई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह यंत्र भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाले कंपन और त्वरण को मापने में उपयोगी होता है। इसके माध्यम से संरचनाओं की गतिशील प्रतिक्रिया का अध्ययन किया जाता है जिससे भवनों की मजबूती और सुरक्षा का आकलन किया जा सकता है।विशेष रूप से भूकंप संभावित एवं पर्वतीय क्षेत्रों में भवनों की निगरानी के लिए इस प्रकार के उपकरण अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उपकरण का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को उसके कार्य सिद्धांत और व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रस्तुति को सरल रोचक एवं उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया जिससे छात्र-छात्राएं विषय को आसानी से समझ सके। कार्यक्रम के अंत में एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने भूकंप सुरक्षा भवनों की संरचनात्मक स्थिरता तथा सिविल अभियांत्रिकी में शोध एवं कैरियर के अवसरों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का संतोषजनक समाधान किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें अभियांत्रिकी और अनुसंधान के क्षेत्र की ओर प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।