प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में शुक्रवार को जनपद न्यायालय परिसर रुद्रप्रयाग में पैनल अधिवक्ताओं एवं लीगल एड डिफेंस काउंसल के साथ प्री लोक अदालत बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग पायल सिंह ने की। बैठक का उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल प्रभावी और परिणामकारी बनाना रहा। सचिव ने उपस्थित सभी पैनल अधिवक्ताओं और लीगल एड डिफेंस काउंसल को लोक अदालत की उपयोगिता और महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत न्याय प्राप्ति का सशक्त और सुलभ माध्यम है जहां वादों का त्वरित कम खर्चीला और सौहार्दपूर्ण निस्तारण संभव है। बैठक के दौरान विभिन्न न्यायालयों में लंबित सिविल आपराधिक पारिवारिक बैंक ऋण मोटर दुर्घटना दावा विद्युत तथा अन्य समझौता योग्य प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित पक्षकारों से पूर्व समन्वय स्थापित किया जाए और उन्हें लोक अदालत के माध्यम से वाद निस्तारण के लिए प्रेरित किया जाए। अधिवक्ताओं से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर अधिक से अधिक मामलों को प्री लिटिगेशन और लंबित वादों की श्रेणी में चिन्हित करें जिससे लोक अदालत के माध्यम से शीघ्र और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित हो सके। साथ ही लीगल एड डिफेंस काउंसल को निर्देशित किया गया कि वे निरुद्ध बंदियों से समन्वय स्थापित कर उनके मामलों में समझौते की संभावनाओं का परीक्षण करें।बैठक में यह भी कहा गया कि लोक अदालत न केवल न्यायालयों में लंबित वादों के भार को कम करती है बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द और विश्वास को भी सुदृढ़ करती है। अंत में सभी उपस्थित अधिवक्ताओं ने लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में शुक्रवार को जनपद न्यायालय परिसर रुद्रप्रयाग में पैनल अधिवक्ताओं एवं लीगल एड डिफेंस काउंसल के साथ प्री लोक अदालत बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग पायल सिंह ने की। बैठक का उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल प्रभावी और परिणामकारी बनाना रहा। सचिव ने उपस्थित सभी पैनल अधिवक्ताओं और लीगल एड डिफेंस काउंसल को लोक अदालत की उपयोगिता और महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत न्याय प्राप्ति का सशक्त और सुलभ माध्यम है जहां वादों का त्वरित कम खर्चीला और सौहार्दपूर्ण निस्तारण संभव है। बैठक के दौरान विभिन्न न्यायालयों में लंबित सिविल आपराधिक पारिवारिक बैंक ऋण मोटर दुर्घटना दावा विद्युत तथा अन्य समझौता योग्य प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित पक्षकारों से पूर्व समन्वय स्थापित किया जाए और उन्हें लोक अदालत के माध्यम से वाद निस्तारण के लिए प्रेरित किया जाए। अधिवक्ताओं से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर अधिक से अधिक मामलों को प्री लिटिगेशन और लंबित वादों की श्रेणी में चिन्हित करें जिससे लोक अदालत के माध्यम से शीघ्र और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित हो सके। साथ ही लीगल एड डिफेंस काउंसल को निर्देशित किया गया कि वे निरुद्ध बंदियों से समन्वय स्थापित कर उनके मामलों में समझौते की संभावनाओं का परीक्षण करें।बैठक में यह भी कहा गया कि लोक अदालत न केवल न्यायालयों में लंबित वादों के भार को कम करती है बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द और विश्वास को भी सुदृढ़ करती है। अंत में सभी उपस्थित अधिवक्ताओं ने लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।