प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। बुधवार को कलेक्ट्रेट टिहरी गढ़वाल के जिला सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने की तथा सदस्या सरोज बहुगुणा उपस्थित रहीं। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जन-जन की सुनवाई कार्यक्रम प्रदेश भर में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से उनके अधिकारों और हितों की रक्षा करना महिला आयोग का प्रमुख कार्य है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं घरेलू हिंसा से पीड़ित होती हैं और निकट के थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने जाती हैं ऐसे मामलों में पुलिस का कर्तव्य है कि महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए जिससे महिलाओं के भीतर सुरक्षा की भावना जागृत हो सके। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का कार्य सीधे तौर पर पुलिस के सहयोग से जुड़ा है और इसमें पुलिस विभाग का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सभी को करना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न प्रकार के घरेलू हिंसा के प्रकरणों पर चर्चा की गई। उपस्थित पीड़ित महिलाओं सहित कई पीड़िताओं से उपाध्यक्ष ने फोन पर भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर घरेलू हिंसा के कुछ प्रकरण अन्य जनपदों और राज्यों से संबंधित पाए जाने पर उन्हें सूची से हटाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। अपने टिहरी भ्रमण के दौरान उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल से उनके कार्यालय में भेंट की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपाध्यक्ष का पुष्प पात्र देकर स्वागत किया।कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक कुमार त्रिपाठी डीपीओ संजय गौरव तथा संबंधित विभागों के कार्मिक न्याय क्षेत्र से जुड़े अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। बुधवार को कलेक्ट्रेट टिहरी गढ़वाल के जिला सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने की तथा सदस्या सरोज बहुगुणा उपस्थित रहीं। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जन-जन की सुनवाई कार्यक्रम प्रदेश भर में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से उनके अधिकारों और हितों की रक्षा करना महिला आयोग का प्रमुख कार्य है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं घरेलू हिंसा से पीड़ित होती हैं और निकट के थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने जाती हैं ऐसे मामलों में पुलिस का कर्तव्य है कि महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए जिससे महिलाओं के भीतर सुरक्षा की भावना जागृत हो सके। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का कार्य सीधे तौर पर पुलिस के सहयोग से जुड़ा है और इसमें पुलिस विभाग का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सभी को करना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न प्रकार के घरेलू हिंसा के प्रकरणों पर चर्चा की गई। उपस्थित पीड़ित महिलाओं सहित कई पीड़िताओं से उपाध्यक्ष ने फोन पर भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर घरेलू हिंसा के कुछ प्रकरण अन्य जनपदों और राज्यों से संबंधित पाए जाने पर उन्हें सूची से हटाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। अपने टिहरी भ्रमण के दौरान उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल से उनके कार्यालय में भेंट की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपाध्यक्ष का पुष्प पात्र देकर स्वागत किया।कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक कुमार त्रिपाठी डीपीओ संजय गौरव तथा संबंधित विभागों के कार्मिक न्याय क्षेत्र से जुड़े अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।