प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पशुपालन विभाग उत्तराखंड के तत्वावधान में राजकीय पशु चिकित्सालय दुगड्डा द्वारा विकासखंड दुगड्डा के ग्राम सरुडा हनुमंती में भव्य पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 32 पशुपालकों ने अपने उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रदर्शनी में विशेषज्ञों की टीम द्वारा पशुओं के स्वास्थ्य कद-काठी एवं नस्ल की शुद्धता के आधार पर उनका मूल्यांकन कर विजेताओं का चयन किया गया। प्रतियोगिता में देशी गाय श्रेणी में भरत सिंह को प्रथम जयपाल सिंह को द्वितीय तथा प्रमोद कुमार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। संकर गाय श्रेणी में प्रमोद कुमार प्रथम जयपाल सिंह द्वितीय और अनिल सिंह तृतीय स्थान पर रहे। बकरी/भेड़ श्रेणी में देवेश्वरी देवी को प्रथम आरती देवी को द्वितीय तथा हजारी देवी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं घोड़ा एवं खच्चर श्रेणी में राकेश सिंह प्रथम तथा नरेश चौधरी द्वितीय स्थान पर रहे। बछिया/हीफर श्रेणी में दिनेश चंद्र को प्रथम अनिल सिंह को द्वितीय तथा कमला देवी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान विजेताओं को प्रोत्साहन स्वरूप बड़े ड्रम (भंडारण हेतु) दूध केन एवं तसले प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागी पशुपालकों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें पशुपालन को आजीविका के मजबूत साधन के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी दुगड्डा डॉ.दीपेश शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से पशुपालकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है और वे उन्नत नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अधिक जागरुक होते हैं। उन्होंने पशुपालकों को विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा टीकाकरण के महत्व की भी जानकारी दी। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में जिला योजना के अंतर्गत समय-समय पर इस प्रकार की पशु प्रदर्शनी एवं जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशुओं के पालन-पोषण वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों तथा पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति जागरुक करना है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से पशुपालकों को अपनी पशुधन गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रोत्साहन मिलता है साथ ही पशुपालन को आजीविका के सशक्त साधन के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलती है। साथ ही विभाग द्वारा पशुपालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं टीकाकरण तथा पशु उपचार संबंधी सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की जाती है। कार्यक्रम ग्राम प्रधान गब्बर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का तकनीकी संचालन वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी पोखड़ा डॉ.निशांत शर्मा तथा पशु चिकित्सा अधिकारी पौखाल डॉ.किशोर कुमार ने किया। इस अवसर पर पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी मुकेश कुमार पशुधन प्रसार अधिकारी अंकित कुमार तथा पशुधन सहायक नरेश कुमार भी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पशुपालन विभाग उत्तराखंड के तत्वावधान में राजकीय पशु चिकित्सालय दुगड्डा द्वारा विकासखंड दुगड्डा के ग्राम सरुडा हनुमंती में भव्य पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 32 पशुपालकों ने अपने उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रदर्शनी में विशेषज्ञों की टीम द्वारा पशुओं के स्वास्थ्य कद-काठी एवं नस्ल की शुद्धता के आधार पर उनका मूल्यांकन कर विजेताओं का चयन किया गया। प्रतियोगिता में देशी गाय श्रेणी में भरत सिंह को प्रथम जयपाल सिंह को द्वितीय तथा प्रमोद कुमार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। संकर गाय श्रेणी में प्रमोद कुमार प्रथम जयपाल सिंह द्वितीय और अनिल सिंह तृतीय स्थान पर रहे। बकरी/भेड़ श्रेणी में देवेश्वरी देवी को प्रथम आरती देवी को द्वितीय तथा हजारी देवी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं घोड़ा एवं खच्चर श्रेणी में राकेश सिंह प्रथम तथा नरेश चौधरी द्वितीय स्थान पर रहे। बछिया/हीफर श्रेणी में दिनेश चंद्र को प्रथम अनिल सिंह को द्वितीय तथा कमला देवी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान विजेताओं को प्रोत्साहन स्वरूप बड़े ड्रम (भंडारण हेतु) दूध केन एवं तसले प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागी पशुपालकों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें पशुपालन को आजीविका के मजबूत साधन के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी दुगड्डा डॉ.दीपेश शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से पशुपालकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है और वे उन्नत नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अधिक जागरुक होते हैं। उन्होंने पशुपालकों को विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा टीकाकरण के महत्व की भी जानकारी दी। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया के निर्देशन में जिला योजना के अंतर्गत समय-समय पर इस प्रकार की पशु प्रदर्शनी एवं जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशुओं के पालन-पोषण वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों तथा पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति जागरुक करना है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से पशुपालकों को अपनी पशुधन गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रोत्साहन मिलता है साथ ही पशुपालन को आजीविका के सशक्त साधन के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलती है। साथ ही विभाग द्वारा पशुपालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं टीकाकरण तथा पशु उपचार संबंधी सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की जाती है। कार्यक्रम ग्राम प्रधान गब्बर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का तकनीकी संचालन वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी पोखड़ा डॉ.निशांत शर्मा तथा पशु चिकित्सा अधिकारी पौखाल डॉ.किशोर कुमार ने किया। इस अवसर पर पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी मुकेश कुमार पशुधन प्रसार अधिकारी अंकित कुमार तथा पशुधन सहायक नरेश कुमार भी उपस्थित रहे।