प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा-2026 से पहले संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए जनपद में प्रशासन और पुलिस द्वारा संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपदा के समय त्वरित सूचना आदान-प्रदान और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की परख करना रहा। जनपद के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में अलग-अलग आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास किया गया। कर्णप्रयाग में भूकंप की स्थिति में राहत एवं बचाव थराली में भारी भूस्खलन के दौरान फंसे लोगों को निकालना ज्योतिर्मठ में हिमस्खलन की स्थिति में त्वरित कार्रवाई गैरसैंण में वनाग्नि की रोकथाम और चमोली में सुरंग धंसने जैसी आपदा में रेस्क्यू कार्य का अभ्यास किया गया। अभ्यास के दौरान पुलिस अग्निशमन सेवा राजस्व स्वास्थ्य वन विभाग केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल सशस्त्र सीमा बल भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों की मौके पर पहुंचने की गति और समन्वय को परखा गया। आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा तथा किसी भी दुर्घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से संसाधनों की उपलब्धता और संचार प्रणाली की प्रभावशीलता का भी निरीक्षण किया गया। प्रशासन का उद्देश्य आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना और प्रभावितों तक तत्काल राहत पहुंचाना है।आपदा प्रबंधन केंद्र से पूरे जनपद में चल रहे अभ्यासों की निगरानी की गई जहां पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा ने विभिन्न स्थानों पर चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए त्वरित सूचना आदान-प्रदान के निर्देश दिए।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा-2026 से पहले संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए जनपद में प्रशासन और पुलिस द्वारा संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपदा के समय त्वरित सूचना आदान-प्रदान और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की परख करना रहा। जनपद के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में अलग-अलग आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास किया गया। कर्णप्रयाग में भूकंप की स्थिति में राहत एवं बचाव थराली में भारी भूस्खलन के दौरान फंसे लोगों को निकालना ज्योतिर्मठ में हिमस्खलन की स्थिति में त्वरित कार्रवाई गैरसैंण में वनाग्नि की रोकथाम और चमोली में सुरंग धंसने जैसी आपदा में रेस्क्यू कार्य का अभ्यास किया गया। अभ्यास के दौरान पुलिस अग्निशमन सेवा राजस्व स्वास्थ्य वन विभाग केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल सशस्त्र सीमा बल भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों की मौके पर पहुंचने की गति और समन्वय को परखा गया। आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा तथा किसी भी दुर्घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से संसाधनों की उपलब्धता और संचार प्रणाली की प्रभावशीलता का भी निरीक्षण किया गया। प्रशासन का उद्देश्य आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना और प्रभावितों तक तत्काल राहत पहुंचाना है।आपदा प्रबंधन केंद्र से पूरे जनपद में चल रहे अभ्यासों की निगरानी की गई जहां पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा ने विभिन्न स्थानों पर चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए त्वरित सूचना आदान-प्रदान के निर्देश दिए।