प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। नगर निगम की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से महापौर आरती भंडारी एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। गुरुवार को उन्होंने नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण कर न केवल कार्यप्रणाली का जायजा लिया बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त रुख भी अपनाया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने सबसे पहले कार्यालय की उपस्थिति पंजिका की जांच की। जांच में पाया गया कि कई कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे थे। समय से उपस्थित न होने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों की प्रविष्टि पंजिका में दर्ज करवाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में समय की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। महापौर आरती भंडारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में अनुशासन सर्वोपरि है। यहां जनता से जुड़े कार्य होते हैं इसलिए किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करें और अपने दायित्व का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम जनता की सेवा का केंद्र है। यहां कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान महापौर ने केवल कार्यालय तक ही सीमित न रहकर क्षेत्रीय समस्याओं का भी जायजा लिया। उन्होंने नर्सरी रोड से आने वाले नाले का निगम अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नाले में कूड़ा और प्लास्टिक बहकर नीचे की ओर जा रहा है जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इस पर महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नाले में जाल लगाए जाएं ताकि प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कचरा नीचे न जा सके और समय रहते उसे रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के छोटे लेकिन प्रभावी कदम शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल और मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। महापौर आरती भंडारी ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि शहर के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। नगर निगम की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से महापौर आरती भंडारी एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। गुरुवार को उन्होंने नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण कर न केवल कार्यप्रणाली का जायजा लिया बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त रुख भी अपनाया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने सबसे पहले कार्यालय की उपस्थिति पंजिका की जांच की। जांच में पाया गया कि कई कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे थे। समय से उपस्थित न होने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों की प्रविष्टि पंजिका में दर्ज करवाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में समय की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। महापौर आरती भंडारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में अनुशासन सर्वोपरि है। यहां जनता से जुड़े कार्य होते हैं इसलिए किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करें और अपने दायित्व का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम जनता की सेवा का केंद्र है। यहां कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान महापौर ने केवल कार्यालय तक ही सीमित न रहकर क्षेत्रीय समस्याओं का भी जायजा लिया। उन्होंने नर्सरी रोड से आने वाले नाले का निगम अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नाले में कूड़ा और प्लास्टिक बहकर नीचे की ओर जा रहा है जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इस पर महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नाले में जाल लगाए जाएं ताकि प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कचरा नीचे न जा सके और समय रहते उसे रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के छोटे लेकिन प्रभावी कदम शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल और मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। महापौर आरती भंडारी ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि शहर के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।