प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की गयी। इसमें जनपद पौड़ी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में अलग-अलग आपदा परिदृश्यों के तहत राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी परीक्षण किया गया। मॉक अभ्यास के स्टेजिंग एरिया एनआईटी मैदान में बनाया गया था। श्रीनगर क्षेत्र में एनआईटी सैनिक होटल गढ़वाल मंडल विकास निगम फरासू हनुमान मंदिर और सिरोबगड़ के पास मॉक अभ्यास कराया गया जिसमें प्रशासन एसडीआरएफ पुलिस स्वास्थ्य अग्निशमन समेत विभिन्न विभागों ने समन्वित रूप से भागीदारी निभायी। जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने पूरे अभियान की निगरानी करते हुए सभी गतिविधियों पर सतत नजर बनाए रखी। श्रीनगर क्षेत्र में आयोजित इस मॉक अभ्यास के तहत विभिन्न स्थानों को आपदा परिदृश्यों के रूप में चिन्हित कर घटनाओं का यथार्थ चित्रण किया गया। कहीं भूस्खलन की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की चुनौती सामने आई तो कहीं सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित उपचार और अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था को परखा गया। अग्निकांड की स्थिति में प्रभावित स्थल से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की तत्परता दिखाई गई वहीं भूकंप जैसी स्थिति में क्षतिग्रस्त भवनों से रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित कर राहत कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। अत्यधिक वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से नियंत्रित करने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संवेदनशील क्षेत्रों को खाली कराने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का भी अभ्यास किया गया। इस दौरान प्रशासन द्वारा संसाधनों के समुचित प्रबंधन और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रदर्शन किया गया जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आपात स्थिति में व्यवस्थाओं को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकता है। मॉक अभ्यास के पश्चात सभी संबंधित विभागों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गयी जिसमें पूरे अभियान का विश्लेषण करते हुए समन्वय संचार व्यवस्था त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। ब्रीफिंग के माध्यम से अभ्यास के प्रत्येक चरण का पुनरावलोकन किया गया तथा सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए उनके सुधार के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में और अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने कहा कि यह मॉक ड्रिल केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आपदा प्रबंधन की वास्तविक तैयारियों का व्यावहारिक परीक्षण है। इस अभ्यास के माध्यम से यह आकलन किया गया कि विभिन्न विभाग किस प्रकार आपसी समन्वय के साथ त्वरित निर्णय लेते हुए आपात स्थितियों से निपटते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास न केवल व्यवस्थाओं की मजबूती को परखते हैं बल्कि सुधार की संभावनाओं को भी स्पष्ट करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य चारधाम यात्रा के दौरान प्रत्येक यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और इसके लिए हर स्तर पर तैयारियों को सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में त्वरित सटीक और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके। इस अवसर पर डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा जिला सैनिक कल्याण अधिकारी करण सिंह रावत एसएसबी उप निरीक्षक धूम सिंह अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा जिला युवा कल्याण अधिकारी रविन्द्र फोनिया अपर सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र सिंह खाती एआरटीओ एन के ओझा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश चंद्र काला सहायक अभियंता लोनिवि अंकिता सक्सेना अर्चना कोली मास्टर ट्रेनर किशन पंवार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
