प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इन व्यवस्थाओं के तहत धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन व्यवस्था लागू की गई है जिससे दर्शन प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाया जा सके। टोकन व्यवस्था के माध्यम से श्रद्धालुओं को निर्धारित समयानुसार बाबा केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग द्वार निर्धारित किए गए हैं जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और नियंत्रित बनी हुई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और जिला प्रशासन समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम परिसर तक सुरक्षा मार्गदर्शन चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। 22 अप्रैल 2026 को विधिविधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। कपाट खुलने के पहले ही दिन लगभग 38 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन व्यवस्था 21 अप्रैल से ही शुरू कर दी गई थी। यात्रा के शुरुआती चरण में ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं ऐसे में सभी को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए जा रहे हैं जिससे व्यवस्था बनी हुई है।उन्होंने बताया कि श्रद्धालु निर्धारित प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर में आ रहे हैं और निकास द्वार से व्यवस्थित रूप से बाहर जा रहे हैं जिससे भीड़ का दबाव नियंत्रित किया जा रहा है। पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य और संयम बनाए रखें अपनी निर्धारित कतार में रहकर टोकन के अनुसार ही दर्शन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि सभी को सुरक्षित और सुगम वातावरण में बाबा केदारनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।
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प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इन व्यवस्थाओं के तहत धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन व्यवस्था लागू की गई है जिससे दर्शन प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाया जा सके। टोकन व्यवस्था के माध्यम से श्रद्धालुओं को निर्धारित समयानुसार बाबा केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग द्वार निर्धारित किए गए हैं जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और नियंत्रित बनी हुई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और जिला प्रशासन समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम परिसर तक सुरक्षा मार्गदर्शन चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। 22 अप्रैल 2026 को विधिविधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। कपाट खुलने के पहले ही दिन लगभग 38 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन व्यवस्था 21 अप्रैल से ही शुरू कर दी गई थी। यात्रा के शुरुआती चरण में ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं ऐसे में सभी को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए जा रहे हैं जिससे व्यवस्था बनी हुई है।उन्होंने बताया कि श्रद्धालु निर्धारित प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर में आ रहे हैं और निकास द्वार से व्यवस्थित रूप से बाहर जा रहे हैं जिससे भीड़ का दबाव नियंत्रित किया जा रहा है। पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य और संयम बनाए रखें अपनी निर्धारित कतार में रहकर टोकन के अनुसार ही दर्शन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि सभी को सुरक्षित और सुगम वातावरण में बाबा केदारनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।