प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शनिवार को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर के तीमारदार प्रतीक्षालय में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए आमजन को जागरूक करना और समय पर उपचार के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य शिक्षा संचार प्रबंधक उदय सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि मलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। उन्होंने बताया कि मादा एनाफिलीज मच्छर अपनी लार के माध्यम से प्लाज्मोडियम परजीवी को मानव शरीर में पहुंचाती है जिससे मलेरिया होता है। उन्होंने मलेरिया के लक्षणों के बारे में बताया कि ठंड लगकर तेज बुखार आना बुखार उतरते समय अधिक पसीना आना सिरदर्द जी मिचलाना कमजोरी और भूख न लगना इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत मलेरिया की जांच करानी चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि मलेरिया की जांच और उपचार सभी सरकारी चिकित्सालयों में निःशुल्क उपलब्ध है। रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें गड्ढों में मिट्टी भरें पानी के बर्तनों और टंकियों को ढककर रखें तथा नालियों की नियमित सफाई करें। इसके साथ ही खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाने और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी। कार्यक्रम में जिला डाटा मैनेजर आशीष सती सहित अन्य उपस्थित लोगों ने भी मलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शनिवार को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर के तीमारदार प्रतीक्षालय में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए आमजन को जागरूक करना और समय पर उपचार के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य शिक्षा संचार प्रबंधक उदय सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि मलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी है। उन्होंने बताया कि मादा एनाफिलीज मच्छर अपनी लार के माध्यम से प्लाज्मोडियम परजीवी को मानव शरीर में पहुंचाती है जिससे मलेरिया होता है। उन्होंने मलेरिया के लक्षणों के बारे में बताया कि ठंड लगकर तेज बुखार आना बुखार उतरते समय अधिक पसीना आना सिरदर्द जी मिचलाना कमजोरी और भूख न लगना इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत मलेरिया की जांच करानी चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि मलेरिया की जांच और उपचार सभी सरकारी चिकित्सालयों में निःशुल्क उपलब्ध है। रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें गड्ढों में मिट्टी भरें पानी के बर्तनों और टंकियों को ढककर रखें तथा नालियों की नियमित सफाई करें। इसके साथ ही खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाने और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी। कार्यक्रम में जिला डाटा मैनेजर आशीष सती सहित अन्य उपस्थित लोगों ने भी मलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।