प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर अगस्त्यमुनि ब्लॉक के दूरस्थ इंटर कॉलेज द्वारीधार में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मलेरिया के लक्षण और उससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राम प्रकाश के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता गोष्ठी के साथ किशोर स्वास्थ्य सत्र भी आयोजित किया गया। गोष्ठी में एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ.शाकिब हुसैन ने बताया कि मलेरिया फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है इसलिए घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने लोगों से पानी भरे गड्ढों को मिट्टी से भरने पानी के बर्तन और टंकियों को ढककर रखने नालियों में पानी जमा न होने देने और नियमित साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। साथ ही दरवाजों में जाली लगाने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ठंड के साथ बुखार सिरदर्द जी मिचलाना कमजोरी और भूख न लगना मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। विद्यालय के प्रधानाचार्य महिपाल सिंह नेगी ने इस पहल की सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं को बताए गए उपायों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान छात्रों को मलेरिया से बचाव संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए। गोष्ठी के बाद आयोजित किशोर स्वास्थ्य सत्र में काउंसलर विपिन सेमवाल ने एनीमिया से बचाव किशोर स्वास्थ्य और माहवारी स्वच्छता के बारे में जानकारी दी। वहीं सोशल वर्कर दिगपाल कंडारी और समन्वयक हरेंद्र सिंह नेगी ने तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर अगस्त्यमुनि ब्लॉक के दूरस्थ इंटर कॉलेज द्वारीधार में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मलेरिया के लक्षण और उससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राम प्रकाश के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता गोष्ठी के साथ किशोर स्वास्थ्य सत्र भी आयोजित किया गया। गोष्ठी में एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ.शाकिब हुसैन ने बताया कि मलेरिया फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है इसलिए घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने लोगों से पानी भरे गड्ढों को मिट्टी से भरने पानी के बर्तन और टंकियों को ढककर रखने नालियों में पानी जमा न होने देने और नियमित साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। साथ ही दरवाजों में जाली लगाने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ठंड के साथ बुखार सिरदर्द जी मिचलाना कमजोरी और भूख न लगना मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। विद्यालय के प्रधानाचार्य महिपाल सिंह नेगी ने इस पहल की सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं को बताए गए उपायों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान छात्रों को मलेरिया से बचाव संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए। गोष्ठी के बाद आयोजित किशोर स्वास्थ्य सत्र में काउंसलर विपिन सेमवाल ने एनीमिया से बचाव किशोर स्वास्थ्य और माहवारी स्वच्छता के बारे में जानकारी दी। वहीं सोशल वर्कर दिगपाल कंडारी और समन्वयक हरेंद्र सिंह नेगी ने तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया।