प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन जागरूकता अभियान चलाते हुए आमजन को मलेरिया के प्रति जागरूक किया गया। इसी क्रम में विकासखंड पौड़ी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर छतकोट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भावना ने कहा कि मलेरिया को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि हर बुखार मलेरिया नहीं होता लेकिन हर बुखार की जांच आवश्यक है। समय पर उपचार न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि अत्यधिक ठंड के साथ तेज बुखार सिर दर्द उल्टी और बदन दर्द मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और मलेरिया की पुष्टि होने पर उपचार अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करने आसपास पानी जमा न होने देने पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने और शाम के समय खिड़की-दरवाजे बंद रखने की सलाह दी। साथ ही अन्य लोगों को भी मलेरिया के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने बताया कि विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जनपद के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों चिकित्सा इकाइयों और ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन जागरूकता अभियान चलाते हुए आमजन को मलेरिया के प्रति जागरूक किया गया। इसी क्रम में विकासखंड पौड़ी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर छतकोट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भावना ने कहा कि मलेरिया को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि हर बुखार मलेरिया नहीं होता लेकिन हर बुखार की जांच आवश्यक है। समय पर उपचार न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि अत्यधिक ठंड के साथ तेज बुखार सिर दर्द उल्टी और बदन दर्द मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और मलेरिया की पुष्टि होने पर उपचार अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करने आसपास पानी जमा न होने देने पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने और शाम के समय खिड़की-दरवाजे बंद रखने की सलाह दी। साथ ही अन्य लोगों को भी मलेरिया के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने बताया कि विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जनपद के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों चिकित्सा इकाइयों और ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।