प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। हेमकुंड साहिब यात्रा को स्वच्छ सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय हरित अधिकरण के मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर पेयजल स्वच्छता और प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इको डेवलपमेंट कमेटी को खच्चरों के अपशिष्ट और प्लास्टिक कचरे के उचित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। कूड़ा या प्लास्टिक जलाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया। जिला पंचायत को यात्रा मार्ग पर क्या करें और क्या न करें से संबंधित पंपलेट और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। वन विभाग को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा पशुपालन विभाग को घोड़े-खच्चरों के लिए स्वास्थ्य शिविर दवाइयां और नियमित जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
जल संस्थान को श्रद्धालुओं और पशुओं के लिए पर्याप्त गर्म पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर एटीएम लगाने के निर्देश दिए गए। घांघरिया क्षेत्र में घोड़े-खच्चरों के लिए बड़े शेल्टर निर्माण के लिए जिला पंचायत और वन विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा यात्रा के दौरान साफ-सफाई शौचालय व्यवस्था पार्किंग और पर्यावरण के अनुकूल विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि 23 मई 2026 को हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा को सुगम सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। बैठक में अपर जिला अधिकारी विवेक प्रकाश परियोजना निदेशक आनंद सिंह भकुनी इको डेवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह चौहान जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राहुल राय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। हेमकुंड साहिब यात्रा को स्वच्छ सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय हरित अधिकरण के मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर पेयजल स्वच्छता और प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इको डेवलपमेंट कमेटी को खच्चरों के अपशिष्ट और प्लास्टिक कचरे के उचित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। कूड़ा या प्लास्टिक जलाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया। जिला पंचायत को यात्रा मार्ग पर क्या करें और क्या न करें से संबंधित पंपलेट और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। वन विभाग को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा पशुपालन विभाग को घोड़े-खच्चरों के लिए स्वास्थ्य शिविर दवाइयां और नियमित जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
जल संस्थान को श्रद्धालुओं और पशुओं के लिए पर्याप्त गर्म पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर एटीएम लगाने के निर्देश दिए गए। घांघरिया क्षेत्र में घोड़े-खच्चरों के लिए बड़े शेल्टर निर्माण के लिए जिला पंचायत और वन विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा यात्रा के दौरान साफ-सफाई शौचालय व्यवस्था पार्किंग और पर्यावरण के अनुकूल विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि 23 मई 2026 को हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा को सुगम सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। बैठक में अपर जिला अधिकारी विवेक प्रकाश परियोजना निदेशक आनंद सिंह भकुनी इको डेवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह चौहान जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राहुल राय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।