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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय महाविद्यालय खाड़ी टिहरी गढ़वाल में प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में शिक्षा शास्त्र विभाग की डॉ.संगीता बिज्लवाण जोशी द्वारा 23 एवं 24 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया। संगोष्ठी का विषय शिक्षा की भूमिका विद्यार्थियों एवं समुदायों में तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन रहा। इस अवसर पर सहायक आयुक्त जीएसटी विभाग देहरादून जयदीप रावत एवं डायरेक्टर जी ई प्रोजेक्ट्स पटेल नगर देहरादून सुशील कुमार मुख्य अतिथि रहे। दोनों इस कार्यक्रम के प्रायोजक भी रहे। जयदीप रावत ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय की तेज रफ्तार जीवनशैली में तनाव सामान्य है लेकिन इसे सही तरीके से प्रबंधित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किताबों को मित्र बनाना अच्छा संगीत सुनना पर्याप्त नींद लेना खेलकूद व्यायाम और सैर जैसी गतिविधियां तनाव कम करने में सहायक हैं। सुशील कुमार ने कहा कि तनाव व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है और अनुशासन तथा जिम्मेदारी के साथ कार्य करने से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक संतुलित मानसिकता वाला व्यक्ति तनाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने देता। दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में मनोवैज्ञानिक डॉ.रीना सिंह ने मानसिक तनाव और स्वास्थ्य पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बाल्यावस्था से किशोरावस्था तक तनाव के कारणों पर चर्चा की और पारिवारिक शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को महत्वपूर्ण बताया। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ.तनु मित्तल ने छात्रों के व्यक्तित्व विकास में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और आत्म दर्पण सिद्धांत पर प्रकाश डाला। डीआईपीएस ऋषिकेश की प्राचार्य डॉ.तनूजा पोखरियाल ने तनाव प्रबंधन पर व्याख्यान देते हुए आधुनिक जीवन में तनाव बढ़ने के कारणों जैसे एकल परिवार सोशल मीडिया प्रतिस्पर्धा और हीन भावना पर चर्चा की। उन्होंने धार्मिक उदाहरणों के माध्यम से तनाव के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों को समझाया। महेंद्रगढ़ विश्वविद्यालय हरियाणा के प्रोफेसर नंदकिशोर ने ऑनलाइन माध्यम से पारिवारिक माहौल को तनाव प्रबंधन का आधार बताया। भूपेंद्र सिंह सैनी ने युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति पर गंभीर चर्चा की। राजकीय इंटर कॉलेज जाजल के त्रिवेदी ने संगोष्ठी की सराहना की। कार्यक्रम में दो ऑनलाइन सत्र आयोजित किए गए जिनका संचालन कोऑर्डिनेटर डॉ.मीनाक्षी और चेयर पर्सन डॉ.अटल विहारी त्रिपाठी द्वारा प्रथम सत्र में तथा दूसरे सत्र में कोऑर्डिनेटर डॉ.देशराज सिंह और चेयर पर्सन डॉ.नंद किशोर द्वारा किया गया। विभिन्न राज्यों के शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया। अंत में कार्यक्रम संयोजिका डॉ.संगीता बिज्लवाण जोशी ने सभी अतिथियों शोधार्थियों विद्यार्थियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

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