प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुरक्षित सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा के निर्देश पर गठित विशेष मॉनिटरिंग टीम ने गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अभियान का नेतृत्व तहसीलदार बसुकेदार प्रणव पांडेय ने किया। निरीक्षण दल में वन विभाग पुलिस जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और पशुपालन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चर संचालकों द्वारा बनाए गए 100 से अधिक अवैध और अनियमित डेरों को हटाया गया जिससे मार्ग को अवरोध मुक्त कर श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाया गया। टीम ने विभिन्न संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करते हुए गौरीकुंड क्षेत्र में 31 चिरबासा में 12 चिरबासा से भीमबली के बीच 24 भीमबली से छोटी लिनचोली तक 35 और छोटी लिनचोली से बड़ी लिनचोली होते हुए घोड़ापड़ाव तक 42 अवैध डेरों को हटाया। साथ ही यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्थाओं और सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि यात्रा व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ बनाई जा सकें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
Spread the love
प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुरक्षित सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा के निर्देश पर गठित विशेष मॉनिटरिंग टीम ने गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अभियान का नेतृत्व तहसीलदार बसुकेदार प्रणव पांडेय ने किया। निरीक्षण दल में वन विभाग पुलिस जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और पशुपालन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चर संचालकों द्वारा बनाए गए 100 से अधिक अवैध और अनियमित डेरों को हटाया गया जिससे मार्ग को अवरोध मुक्त कर श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाया गया। टीम ने विभिन्न संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करते हुए गौरीकुंड क्षेत्र में 31 चिरबासा में 12 चिरबासा से भीमबली के बीच 24 भीमबली से छोटी लिनचोली तक 35 और छोटी लिनचोली से बड़ी लिनचोली होते हुए घोड़ापड़ाव तक 42 अवैध डेरों को हटाया। साथ ही यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्थाओं और सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि यात्रा व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ बनाई जा सकें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।