प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने गोपेश्वर से ज्योतिर्मठ तक यात्रा मार्ग का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मार्ग पर स्थित संवेदनशील स्लाइडिंग जोनों भनेरपानी टंगणी पातालगंगा और पागलनाला का स्थलीय जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मार्ग की भौगोलिक स्थिति भूस्खलन संभावित क्षेत्रों यातायात प्रबंधन और आपदा से निपटने की तैयारियों का गहन अवलोकन किया। विशेष रूप से भनेरपानी स्लाइडिंग जोन को अत्यधिक संवेदनशील बताया गया जो बरसात के दौरान खतरनाक हो जाता है और यहां अक्सर भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित होता है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों और सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और मशीनरी पहले से तैनात रहें। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य के दौरान मार्ग को 10 मिनट से अधिक समय तक बाधित न किया जाए ताकि यात्रियों और आम लोगों को परेशानी न हो। अधिकारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रशासन इसको लेकर पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने गोपेश्वर से ज्योतिर्मठ तक यात्रा मार्ग का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मार्ग पर स्थित संवेदनशील स्लाइडिंग जोनों भनेरपानी टंगणी पातालगंगा और पागलनाला का स्थलीय जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मार्ग की भौगोलिक स्थिति भूस्खलन संभावित क्षेत्रों यातायात प्रबंधन और आपदा से निपटने की तैयारियों का गहन अवलोकन किया। विशेष रूप से भनेरपानी स्लाइडिंग जोन को अत्यधिक संवेदनशील बताया गया जो बरसात के दौरान खतरनाक हो जाता है और यहां अक्सर भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित होता है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों और सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और मशीनरी पहले से तैनात रहें। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य के दौरान मार्ग को 10 मिनट से अधिक समय तक बाधित न किया जाए ताकि यात्रियों और आम लोगों को परेशानी न हो। अधिकारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रशासन इसको लेकर पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।