प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के अंतर्गत संचालित हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि की संभावना बन गई है। अस्पताल ने नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) के लगभग 80 प्रतिशत मानकों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है जिससे मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल को मान्यता मिलने की उम्मीद मजबूत हो गई है। पिछले तीन दिनों से मुंबई और दिल्ली से आई तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम अस्पताल का गहन निरीक्षण कर रही थी। इस निरीक्षण के दौरान कुल 170 गुणवत्ता मानकों पर अस्पताल की व्यवस्थाओं को परखा गया। टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में अस्पताल की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए 80 प्रतिशत मानकों को सही पाया। हालांकि शेष 20 प्रतिशत कुछ कमियां थीं उन्हें एक सप्ताह के भीतर पूरा कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया है। अस्पताल के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा जब एनएबीएच की मान्यता प्राप्त करने में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का बेस चिकित्सालय राज्य का पहला अस्पताल बनेगा। बता दें कि एनएबीएच मानकों को पूरा करने के लिए अस्पताल में पिछले लगभग नौ महीनों से लगातार तैयारी चल रही थी। डॉ.गौरी बिष्ट के नेतृत्व में विभिन्न टीमों ने अस्पताल की सेवाओं स्वच्छता मरीज सुरक्षा और प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए व्यापक काम किया। जिसके बाद एनएबीएच की निरीक्षण टीम में एक प्रिंसिपल असेसर और दो सह-असेसर शामिल थे। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को चौक-चौबंद बताते हुए डॉक्टरों नर्सिंग स्टाफ पैरामेडिकल कर्मचारियों और अन्य सहयोगी स्टाफ की सराहना की और सुधार की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने की अपील भी की। एनएबीएच मान्यता मिलने से अस्पताल का फायदा एनएबीएच मान्यता मिलने के बाद अस्पताल की सेवाओं की गुणवत्ता प्रमाणित मानी जाती है। इससे मरीजों का विश्वास बढ़ता है और अधिक लोग इलाज के लिए अस्पताल का रुख करते हैं। मान्यता के लिए अस्पताल को उच्च स्तर की स्वच्छता सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता बनाए रखनी होती है। इससे मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार मिलता है। एनएबीएच मानकों के अनुसार काम करने से अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की कार्यशैली अधिक व्यवस्थित और प्रोफेशनल हो जाती है। मान्यता प्राप्त अस्पतालों को कई सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से जुड़ने में प्राथमिकता मिलती है जिससे मरीजों को आर्थिक लाभ भी मिलता है। साथ ही अस्पताल को आधुनिक उपकरण बेहतर सुविधाएं और अतिरिक्त फंड मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। एनएबीएच की श्रेणी में आने से अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। जिससे उसकी साख और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। एनएबीएच निरीक्षण में हमारे अस्पताल का 80 प्रतिशत मानकों पर खरा उतरना पूरे मेडिकल कॉलेज परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि हमारे डॉक्टरों नर्सिंग स्टाफ पैरामेडिकल कर्मियों और सभी सहयोगी कर्मचारियों की पिछले कई महीनों की मेहनत का परिणाम है। एनएबीएच की मान्यता मिलने से न केवल अस्पताल की विश्वसनीयता बढ़ेगी बल्कि क्षेत्र की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हम इस अवसर को स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार और उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रहे हैं।डॉ.आशुतोष सयाना प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के अंतर्गत संचालित हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि की संभावना बन गई है। अस्पताल ने नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) के लगभग 80 प्रतिशत मानकों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है जिससे मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल को मान्यता मिलने की उम्मीद मजबूत हो गई है। पिछले तीन दिनों से मुंबई और दिल्ली से आई तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम अस्पताल का गहन निरीक्षण कर रही थी। इस निरीक्षण के दौरान कुल 170 गुणवत्ता मानकों पर अस्पताल की व्यवस्थाओं को परखा गया। टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में अस्पताल की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए 80 प्रतिशत मानकों को सही पाया। हालांकि शेष 20 प्रतिशत कुछ कमियां थीं उन्हें एक सप्ताह के भीतर पूरा कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया है। अस्पताल के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा जब एनएबीएच की मान्यता प्राप्त करने में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का बेस चिकित्सालय राज्य का पहला अस्पताल बनेगा। बता दें कि एनएबीएच मानकों को पूरा करने के लिए अस्पताल में पिछले लगभग नौ महीनों से लगातार तैयारी चल रही थी। डॉ.गौरी बिष्ट के नेतृत्व में विभिन्न टीमों ने अस्पताल की सेवाओं स्वच्छता मरीज सुरक्षा और प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए व्यापक काम किया। जिसके बाद एनएबीएच की निरीक्षण टीम में एक प्रिंसिपल असेसर और दो सह-असेसर शामिल थे। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को चौक-चौबंद बताते हुए डॉक्टरों नर्सिंग स्टाफ पैरामेडिकल कर्मचारियों और अन्य सहयोगी स्टाफ की सराहना की और सुधार की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने की अपील भी की। एनएबीएच मान्यता मिलने से अस्पताल का फायदा एनएबीएच मान्यता मिलने के बाद अस्पताल की सेवाओं की गुणवत्ता प्रमाणित मानी जाती है। इससे मरीजों का विश्वास बढ़ता है और अधिक लोग इलाज के लिए अस्पताल का रुख करते हैं। मान्यता के लिए अस्पताल को उच्च स्तर की स्वच्छता सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता बनाए रखनी होती है। इससे मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार मिलता है। एनएबीएच मानकों के अनुसार काम करने से अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की कार्यशैली अधिक व्यवस्थित और प्रोफेशनल हो जाती है। मान्यता प्राप्त अस्पतालों को कई सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से जुड़ने में प्राथमिकता मिलती है जिससे मरीजों को आर्थिक लाभ भी मिलता है। साथ ही अस्पताल को आधुनिक उपकरण बेहतर सुविधाएं और अतिरिक्त फंड मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। एनएबीएच की श्रेणी में आने से अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। जिससे उसकी साख और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। एनएबीएच निरीक्षण में हमारे अस्पताल का 80 प्रतिशत मानकों पर खरा उतरना पूरे मेडिकल कॉलेज परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि हमारे डॉक्टरों नर्सिंग स्टाफ पैरामेडिकल कर्मियों और सभी सहयोगी कर्मचारियों की पिछले कई महीनों की मेहनत का परिणाम है। एनएबीएच की मान्यता मिलने से न केवल अस्पताल की विश्वसनीयता बढ़ेगी बल्कि क्षेत्र की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हम इस अवसर को स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार और उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रहे हैं।डॉ.आशुतोष सयाना प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर