प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिला गंगा संरक्षण समिति की 72वीं बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध भी उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में नालों और गदेरों का गंदा पानी गंगा नदी में न जाने पाए। इसके लिए जल संस्थान और संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि गंगा में कूड़ा-कचरा और कपड़े फेंकने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके लिए नगर निगम को सभी घाटों पर साइन बोर्ड लगाने और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को लगातार जागरूक करने पर जोर दिया गया। हरकी पैड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि घाटों और पुलों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए और इसके लिए नियमित कार्रवाई की जाए। साथ ही इस क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन घाटों का मरम्मत कार्य अभी तक नहीं हो पाया है उनकी मरम्मत के लिए इच्छुक संस्थाएं सोसायटी कंपनियां या श्रद्धालु जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन पुलों पर जाली लगाने का कार्य प्रस्तावित है उसे शीघ्र पूरा किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता एचआरडीए सचिव मनीष कुमार आरएम सिडकुल कमल किशोर उप मुख्य नगर अधिकारी दीपक गोस्वामी आरओ यूके पीसीपी डॉ.राजेंद्र खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी हेमचंद्र जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य सहित समिति के सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिला गंगा संरक्षण समिति की 72वीं बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध भी उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में नालों और गदेरों का गंदा पानी गंगा नदी में न जाने पाए। इसके लिए जल संस्थान और संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि गंगा में कूड़ा-कचरा और कपड़े फेंकने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके लिए नगर निगम को सभी घाटों पर साइन बोर्ड लगाने और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को लगातार जागरूक करने पर जोर दिया गया। हरकी पैड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि घाटों और पुलों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए और इसके लिए नियमित कार्रवाई की जाए। साथ ही इस क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन घाटों का मरम्मत कार्य अभी तक नहीं हो पाया है उनकी मरम्मत के लिए इच्छुक संस्थाएं सोसायटी कंपनियां या श्रद्धालु जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन पुलों पर जाली लगाने का कार्य प्रस्तावित है उसे शीघ्र पूरा किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता एचआरडीए सचिव मनीष कुमार आरएम सिडकुल कमल किशोर उप मुख्य नगर अधिकारी दीपक गोस्वामी आरओ यूके पीसीपी डॉ.राजेंद्र खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी हेमचंद्र जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य सहित समिति के सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।