प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज के बेस चिकित्सालय में संयुक्त राज्य अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेम्फिस के डीन प्रसिद्ध पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ डॉ.आशीष जोशी के प्रयासों से जल्द क्लीनिकल और हेल्थ केयर रिसर्च सेंटर खुलने जा रहा है। सबकुछ ठीकठाक रहा तो यह रिसर्च सेंटर गढ़वाल के चार जिलों के जनसमुदाय और चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के स्वास्थ्य और अवेयरनेस को लेकर रोचक तरीके से काम करेगा। रिसर्च सेंटर को लेकर जल्द एमओयू होने के साथ ही उद्घाटन होगा। बेस अस्पताल के सभागार में प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना की अध्यक्षता में संकाय सदस्य पीजी स्टूडेंट जूनियर रेजिडेंट के साथ बैठक लेते हुए पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ डॉ.आशीष जोशी ने कहा कि गढ़वाल क्षेत्र में कैसे रिसर्च के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सकता है इसके लिए क्लीनिकल और हेल्थ केयर रिसर्च सेंटर खोले जाने का निर्णय लिया गया है। इसमें संस्थान के सभी रिसर्च करने वालों को शोध में बढ़ावा देने और शोध के जरिए आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवा कैसे मिले इसको लेकर सभी को मिलकर काम करना है। यह मेडिकल कॉलेज के लिए उपलब्धि होने के साथ ही चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम होगा। फैकल्टी पीजी करने वाले हो चाहे यूजी करने वाले छात्र इसमें प्रतिभाग कर अपनी शोध की स्कील को बढ़ा सकते हैं। जिसमें पूरी टीम हर क्षेत्र में सहयोग करेगी। डॉ.जोशी के मुताबिक अभी तक केवल अपनी पीजी के लिए शोध होता है किंतु उस शोध को कैसे जन स्वास्थ्य के लिए एक उपयोगी बना सकते हैं इस पर कार्य किया जायेगा। यही नहीं मेडिकल कॉलेज के रिसर्च पेपर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो। जिससे शोध कार्यों के जरिए गढ़वाल रिजन के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा और सुधार हो। यहीं नहीं रिसर्च में आने वाली सभी बाधाओं को भी दूर करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज गढ़वाल क्षेत्र के बडे क्षेत्रों को कवर करता है इस लिहाज से मेडिकल कॉलेज का बेस अस्पताल एमबीबीएस पढ़ाई के साथ शोध की एक प्रयोगशाला के रूप में उभर सकता है।डॉ.जोशी ने कहा कि क्षेत्र के गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की स्क्रेनिंग सहित तमाम पहलुओं पर काम होगा। उन्होंने कहा जल्द ही इस पहल पर काम शुरू हो चुका है सेंटर स्थापित होते ही रिसर्च के क्षेत्र में काम शुरू होगा। इस मौके पर प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि यह पहल मेडिकल कॉलेज के लिए अच्छी पहल होगी। इसमें फैकल्टी और एमबीबीएस छात्रों को एक मेडिकल रिसर्च साक्ष्य-आधारित नैतिक और रोगी-केंद्रित होगा जिसका उद्देश्य शोध करने के साथ ही उपचार में सुधार और स्वास्थ्य समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना भी होगा। इसके लिए सभी लोगों एक टीम भावना से काम करना होगा। प्राचार्य ने बताया कि सेंटर के साथ ही प्रथम चरण में रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों से एक ऐसा सूचना तंत्र बनाया जायेगा। ताकि उक्त जिलों से रेफर होकर बेस अस्पताल में आने वाले मरीज का पहले ही यहां सूचना अपडेट हो जाए ताकि यहां पहले से डाक्टरों की टीम अलर्ट रहे। इस मौके पर फाउंडेशन ऑफ हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज सोसाइटी नई दिल्ली के शोधकर्ता डॉ.मानसी गौनियाल मानसी गुप्ता डॉ.उपमा शर्मा बेस अस्पताल के डॉ.सीएम शर्मा डॉ.अजेय विक्रम सिंह डॉ.दयाकृष्ण टम्टा डॉ.ए एन पांडेय डॉ मोहित सैनी डॉ.सतेंद्र यादव डॉ.लीना डॉ.विनोद तिवारी चीफ फार्मासिस्ट आर एस चौहान सहित तमाम फैकल्टी और पीजी रेजिडेंट मौजूद थे।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज के बेस चिकित्सालय में संयुक्त राज्य अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेम्फिस के डीन प्रसिद्ध पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ डॉ.आशीष जोशी के प्रयासों से जल्द क्लीनिकल और हेल्थ केयर रिसर्च सेंटर खुलने जा रहा है। सबकुछ ठीकठाक रहा तो यह रिसर्च सेंटर गढ़वाल के चार जिलों के जनसमुदाय और चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के स्वास्थ्य और अवेयरनेस को लेकर रोचक तरीके से काम करेगा। रिसर्च सेंटर को लेकर जल्द एमओयू होने के साथ ही उद्घाटन होगा। बेस अस्पताल के सभागार में प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना की अध्यक्षता में संकाय सदस्य पीजी स्टूडेंट जूनियर रेजिडेंट के साथ बैठक लेते हुए पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ डॉ.आशीष जोशी ने कहा कि गढ़वाल क्षेत्र में कैसे रिसर्च के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सकता है इसके लिए क्लीनिकल और हेल्थ केयर रिसर्च सेंटर खोले जाने का निर्णय लिया गया है। इसमें संस्थान के सभी रिसर्च करने वालों को शोध में बढ़ावा देने और शोध के जरिए आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवा कैसे मिले इसको लेकर सभी को मिलकर काम करना है। यह मेडिकल कॉलेज के लिए उपलब्धि होने के साथ ही चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम होगा। फैकल्टी पीजी करने वाले हो चाहे यूजी करने वाले छात्र इसमें प्रतिभाग कर अपनी शोध की स्कील को बढ़ा सकते हैं। जिसमें पूरी टीम हर क्षेत्र में सहयोग करेगी। डॉ.जोशी के मुताबिक अभी तक केवल अपनी पीजी के लिए शोध होता है किंतु उस शोध को कैसे जन स्वास्थ्य के लिए एक उपयोगी बना सकते हैं इस पर कार्य किया जायेगा। यही नहीं मेडिकल कॉलेज के रिसर्च पेपर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो। जिससे शोध कार्यों के जरिए गढ़वाल रिजन के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा और सुधार हो। यहीं नहीं रिसर्च में आने वाली सभी बाधाओं को भी दूर करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज गढ़वाल क्षेत्र के बडे क्षेत्रों को कवर करता है इस लिहाज से मेडिकल कॉलेज का बेस अस्पताल एमबीबीएस पढ़ाई के साथ शोध की एक प्रयोगशाला के रूप में उभर सकता है।डॉ.जोशी ने कहा कि क्षेत्र के गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की स्क्रेनिंग सहित तमाम पहलुओं पर काम होगा। उन्होंने कहा जल्द ही इस पहल पर काम शुरू हो चुका है सेंटर स्थापित होते ही रिसर्च के क्षेत्र में काम शुरू होगा। इस मौके पर प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि यह पहल मेडिकल कॉलेज के लिए अच्छी पहल होगी। इसमें फैकल्टी और एमबीबीएस छात्रों को एक मेडिकल रिसर्च साक्ष्य-आधारित नैतिक और रोगी-केंद्रित होगा जिसका उद्देश्य शोध करने के साथ ही उपचार में सुधार और स्वास्थ्य समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना भी होगा। इसके लिए सभी लोगों एक टीम भावना से काम करना होगा। प्राचार्य ने बताया कि सेंटर के साथ ही प्रथम चरण में रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों से एक ऐसा सूचना तंत्र बनाया जायेगा। ताकि उक्त जिलों से रेफर होकर बेस अस्पताल में आने वाले मरीज का पहले ही यहां सूचना अपडेट हो जाए ताकि यहां पहले से डाक्टरों की टीम अलर्ट रहे। इस मौके पर फाउंडेशन ऑफ हेल्थकेयर टेक्नोलॉजीज सोसाइटी नई दिल्ली के शोधकर्ता डॉ.मानसी गौनियाल मानसी गुप्ता डॉ.उपमा शर्मा बेस अस्पताल के डॉ.सीएम शर्मा डॉ.अजेय विक्रम सिंह डॉ.दयाकृष्ण टम्टा डॉ.ए एन पांडेय डॉ मोहित सैनी डॉ.सतेंद्र यादव डॉ.लीना डॉ.विनोद तिवारी चीफ फार्मासिस्ट आर एस चौहान सहित तमाम फैकल्टी और पीजी रेजिडेंट मौजूद थे।