प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा जिला चिकित्सालय पौड़ी में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल की उपस्थिति में स्तन कैंसर स्क्रीनिंग अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.निहारिका ने चिकित्सालय में मौजूद महिलाओं को स्तन कैंसर के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्तन में गांठ बगल में गांठ स्तन में दर्द निप्पल से खून का रिसाव स्तन में लाली तथा त्वचा के आकार और बनावट में बदलाव इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला को ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए क्योंकि समय पर पहचान होने पर इसका उपचार संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि असंतुलित दिनचर्या मोटापा और हार्मोन में असंतुलन वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा अधिक रहता है। देश में इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है इसलिए समय-समय पर जांच कराना आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को माहवारी के एक सप्ताह या 10 दिन बाद स्वयं जांच करने और रजोनिवृत्ति के बाद भी नियमित जांच कराने की सलाह दी। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने बताया कि जिला चिकित्सालय पौड़ी और उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में यह स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया गया है। प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि उषा किशन फाउंडेशन देहरादून द्वारा उपलब्ध कराए गए आई-ब्रेस्ट डिवाइस के माध्यम से महिलाओं की जांच आसानी से की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले दिन जिला चिकित्सालय पौड़ी में 16 और उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में 11 महिलाओं की जांच की गई। प्रमुख अधीक्षक डॉ.एल डी सेमवाल ने बताया कि ओएनजीसी द्वारा जिला चिकित्सालय पौड़ी को 25 लाख रुपये के विभिन्न स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम राजीव रावत जिला डाटा मैनेजर मनीष भट्ट नर्सिंग अधिकारी रूपा एनटीसीपी काउंसलर दुर्गा नेगी शकुंतला नेगी उषा देवी पूजा रेखा सहित अन्य मौजूद रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा जिला चिकित्सालय पौड़ी में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल की उपस्थिति में स्तन कैंसर स्क्रीनिंग अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.निहारिका ने चिकित्सालय में मौजूद महिलाओं को स्तन कैंसर के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्तन में गांठ बगल में गांठ स्तन में दर्द निप्पल से खून का रिसाव स्तन में लाली तथा त्वचा के आकार और बनावट में बदलाव इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला को ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए क्योंकि समय पर पहचान होने पर इसका उपचार संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि असंतुलित दिनचर्या मोटापा और हार्मोन में असंतुलन वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा अधिक रहता है। देश में इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है इसलिए समय-समय पर जांच कराना आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को माहवारी के एक सप्ताह या 10 दिन बाद स्वयं जांच करने और रजोनिवृत्ति के बाद भी नियमित जांच कराने की सलाह दी। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने बताया कि जिला चिकित्सालय पौड़ी और उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में यह स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया गया है। प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि उषा किशन फाउंडेशन देहरादून द्वारा उपलब्ध कराए गए आई-ब्रेस्ट डिवाइस के माध्यम से महिलाओं की जांच आसानी से की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले दिन जिला चिकित्सालय पौड़ी में 16 और उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में 11 महिलाओं की जांच की गई। प्रमुख अधीक्षक डॉ.एल डी सेमवाल ने बताया कि ओएनजीसी द्वारा जिला चिकित्सालय पौड़ी को 25 लाख रुपये के विभिन्न स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम राजीव रावत जिला डाटा मैनेजर मनीष भट्ट नर्सिंग अधिकारी रूपा एनटीसीपी काउंसलर दुर्गा नेगी शकुंतला नेगी उषा देवी पूजा रेखा सहित अन्य मौजूद रहे।