प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 में इस वर्ष श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन की सुदृढ़ एवं प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बावजूद यात्रा निरंतर सुचारू सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है। दिनांक 22 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने के बाद से लेकर 03 मई 2026 की सायं 5 बजे तक कुल 3,08,085 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। वहीं आज एक ही दिन में 23,784 श्रद्धालुओं का आगमन दर्ज किया गया जो यात्रा प्रबंधन की दक्षता और व्यवस्थाओं की मजबूती को दर्शाता है। यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पुलिस स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन की टीमें 24×7 मुस्तैदी से तैनात हैं। यात्रा मार्ग के प्रत्येक प्रमुख पड़ाव पर पेयजल चिकित्सा ठहराव स्वच्छता एवं यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं बदलते मौसम को देखते हुए संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, DDRF, NDRF सहित सभी संबंधित एजेंसियां हाई अलर्ट पर कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा की सतत निगरानी की जा रही है जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित सुगम एवं सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करना है। जिला प्रशासन द्वारा सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें एवं प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यह पावन यात्रा सभी के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 में इस वर्ष श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन की सुदृढ़ एवं प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बावजूद यात्रा निरंतर सुचारू सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है। दिनांक 22 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने के बाद से लेकर 03 मई 2026 की सायं 5 बजे तक कुल 3,08,085 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। वहीं आज एक ही दिन में 23,784 श्रद्धालुओं का आगमन दर्ज किया गया जो यात्रा प्रबंधन की दक्षता और व्यवस्थाओं की मजबूती को दर्शाता है। यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पुलिस स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन की टीमें 24×7 मुस्तैदी से तैनात हैं। यात्रा मार्ग के प्रत्येक प्रमुख पड़ाव पर पेयजल चिकित्सा ठहराव स्वच्छता एवं यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं बदलते मौसम को देखते हुए संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, DDRF, NDRF सहित सभी संबंधित एजेंसियां हाई अलर्ट पर कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा की सतत निगरानी की जा रही है जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित सुगम एवं सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करना है। जिला प्रशासन द्वारा सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें एवं प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यह पावन यात्रा सभी के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।