प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो.बी.पी.नैथानी को प्रकृति एक्सीलेंस अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान प्रकृति रिसर्च सोसाइटी उदयपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी संवर्धन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। प्रो.नैथानी को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के संवर्धन और स्वच्छता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों के लिए मिला है। वे लंबे समय से पर्यावरणीय मुद्दों पर शोध जागरूकता और जनसहभागिता को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस सम्मान के लिए चयन प्रक्रिया देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर की गई जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया गया। इस प्रक्रिया में प्रो.नैथानी के योगदान को विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनके प्रयासों से स्थानीय समुदायों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और सतत विकास की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है। यह उपलब्धि न केवल प्रो.नैथानी के समर्पण को दर्शाती है बल्कि विश्वविद्यालय और पूरे उत्तराखंड के लिए भी गौरव का विषय है। विश्वविद्यालय परिवार और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी हैं।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो.बी.पी.नैथानी को प्रकृति एक्सीलेंस अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान प्रकृति रिसर्च सोसाइटी उदयपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी संवर्धन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। प्रो.नैथानी को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के संवर्धन और स्वच्छता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों के लिए मिला है। वे लंबे समय से पर्यावरणीय मुद्दों पर शोध जागरूकता और जनसहभागिता को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस सम्मान के लिए चयन प्रक्रिया देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर की गई जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया गया। इस प्रक्रिया में प्रो.नैथानी के योगदान को विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनके प्रयासों से स्थानीय समुदायों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और सतत विकास की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है। यह उपलब्धि न केवल प्रो.नैथानी के समर्पण को दर्शाती है बल्कि विश्वविद्यालय और पूरे उत्तराखंड के लिए भी गौरव का विषय है। विश्वविद्यालय परिवार और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी हैं।