प्रदीप कुमार
औली-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने शनिवार को औली में आयोजित सैनिक सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों का उत्साहवर्धन किया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को सम्मानित किया। सम्मेलन में राज्यपाल ने भारतीय सेना की 7वीं बटालियन असम रेजिमेंट औली बटालियन तथा आईटीबीपी के माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग इंस्टीट्यूट (एम एंड एसआई) के जवानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान कठिन और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूर्ण समर्पण और साहस के साथ कार्य कर रहे हैं जिस पर पूरे देश को गर्व है। राज्यपाल ने 7वीं बटालियन असम रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए ‘ऑपरेशन पवन’ सहित विभिन्न अभियानों में जवानों द्वारा दिखाई गई वीरता को याद किया और मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में माणा सब सेक्टर में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के तहत सीमा सुरक्षा में तैनात जवान विषम हिमालयी परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दे रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि सेना और सुरक्षा बल केवल सीमाओं की रक्षा करने वाले प्रहरी ही नहीं बल्कि मानवता की सेवा का भी उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने आपदा बचाव और राहत कार्यों में सुरक्षा बलों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने आईटीबीपी के माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग इंस्टीट्यूट, औली की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्ष 1976 में स्थापित यह संस्थान पर्वतारोहण स्कीइंग राफ्टिंग और पर्वतीय युद्ध कौशल के क्षेत्र में देश को उत्कृष्ट प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के जवानों ने माउंट एवरेस्ट सहित कई दुर्गम पर्वत चोटियों पर सफल आरोहण कर देश का गौरव बढ़ाया है। राज्यपाल ने कहा कि यह संस्थान उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा और अवसरों का केंद्र बनता जा रहा है। कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं को राफ्टिंग और पर्वतीय प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह संस्थान युवाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, कमांडर 9 इंडिपेंडेंट माउंटेन ब्रिगेड ग्रुप, कर्नल शिवेश तिवारी कमांडिंग ऑफिसर 7वीं असम रेजिमेंट तथा आईटीबीपी के कमांडेंट रतन सिंह सोनल सहित सेना और आईटीबीपी के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार औली-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने शनिवार को औली में आयोजित सैनिक सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों का उत्साहवर्धन किया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को सम्मानित किया। सम्मेलन में राज्यपाल ने भारतीय सेना की 7वीं बटालियन असम रेजिमेंट औली बटालियन तथा आईटीबीपी के माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग इंस्टीट्यूट (एम एंड एसआई) के जवानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान कठिन और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूर्ण समर्पण और साहस के साथ कार्य कर रहे हैं जिस पर पूरे देश को गर्व है। राज्यपाल ने 7वीं बटालियन असम रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए ‘ऑपरेशन पवन’ सहित विभिन्न अभियानों में जवानों द्वारा दिखाई गई वीरता को याद किया और मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में माणा सब सेक्टर में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के तहत सीमा सुरक्षा में तैनात जवान विषम हिमालयी परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दे रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि सेना और सुरक्षा बल केवल सीमाओं की रक्षा करने वाले प्रहरी ही नहीं बल्कि मानवता की सेवा का भी उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने आपदा बचाव और राहत कार्यों में सुरक्षा बलों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने आईटीबीपी के माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग इंस्टीट्यूट, औली की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्ष 1976 में स्थापित यह संस्थान पर्वतारोहण स्कीइंग राफ्टिंग और पर्वतीय युद्ध कौशल के क्षेत्र में देश को उत्कृष्ट प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के जवानों ने माउंट एवरेस्ट सहित कई दुर्गम पर्वत चोटियों पर सफल आरोहण कर देश का गौरव बढ़ाया है। राज्यपाल ने कहा कि यह संस्थान उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा और अवसरों का केंद्र बनता जा रहा है। कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं को राफ्टिंग और पर्वतीय प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह संस्थान युवाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, कमांडर 9 इंडिपेंडेंट माउंटेन ब्रिगेड ग्रुप, कर्नल शिवेश तिवारी कमांडिंग ऑफिसर 7वीं असम रेजिमेंट तथा आईटीबीपी के कमांडेंट रतन सिंह सोनल सहित सेना और आईटीबीपी के अधिकारी उपस्थित रहे।