प्रदीप कुमार
बदरीनाथ-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह शनिवार को भू-वैकुण्ठ श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचे जहां उन्होंने भगवान बद्री विशाल के दर्शन एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि शांति तथा खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने धाम में तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत बदरीनाथ धाम पहुंचने पर हेलीपैड पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान पुलिस जवानों ने सेरिमोनियल वर्दी में सलामी दी। राज्यपाल ने जवानों के उत्कृष्ट टर्नआउट और शस्त्र कवायद की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद राज्यपाल बदरीनाथ मंदिर पहुंचे जहां बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने उनका स्वागत किया। मंदिर में उन्होंने तीर्थयात्रियों की व्यवस्थाओं को देखते हुए सूक्ष्म पूजा-अर्चना की तथा मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदरी से भेंट की। राज्यपाल ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात कर यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। राज्यपाल ने रिवर फ्रंट और मंदिर परिसर में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धाम से जुड़े विभिन्न पक्षों स्थानीय लोगों और हितधारकों से मुलाकात कर उनके सुझाव सुने तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने होटल एसोसिएशन व्यापार संघ और टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर यात्रा संचालन को और बेहतर बनाने को लेकर चर्चा की। राज्यपाल ने बदरीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने तीर्थयात्रियों के अनुशासन को अनुकरणीय बताते हुए धाम में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही प्रशासन स्थानीय लोगों और सभी संबंधित पक्षों के सहयोग की प्रशंसा भी की। उन्होंने श्रद्धालुओं से भक्ति भाव और अनुशासन के साथ दर्शन करने तथा यात्रा व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की। साथ ही चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों से स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को यात्रा की स्मृति के रूप में खरीदने का आह्वान किया ताकि स्थानीय लोगों और मातृशक्ति को स्वरोजगार मिल सके। राज्यपाल ने कहा कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और भाव ही सर्वोपरि है तथा लंबे समय तक पूजा करना आवश्यक नहीं है। उन्होंने कहा कि बद्री विशाल का स्वरूप विशालता समर्पण और मानवता का संदेश देता है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी ने राज्यपाल को अपनी स्वलिखित पुस्तक उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटी की वैज्ञानिक खेती भेंट की। यह पुस्तक उत्तराखण्ड में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की वैज्ञानिक खेती संरक्षण और स्वरोजगार की संभावनाओं पर आधारित है। राज्यपाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे किसानों और युवाओं के लिए उपयोगी बताया। राज्यपाल ने थानाध्यक्ष बद्रीनाथ नवनीत भंडारी की भी विशेष सराहना करते हुए कहा कि पूर्ण समर्पण और सेवा भाव के साथ यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के प्रयास श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद अनुभव प्रदान कर रहे हैं। बद्रीनाथ धाम कार्यक्रम के बाद राज्यपाल औली पहुंचे जहां असम रेजिमेंट और आईटीबीपी द्वारा आयोजित संयुक्त कार्यक्रम में उन्होंने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने थराली आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य करने वाले तथा माणा हिमस्खलन के समय त्वरित कार्रवाई कर जन-धन की रक्षा करने वाले जवानों को सम्मानित किया। इस मौके पर उप जिलाधिकारी ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ यात्रा मजिस्ट्रेट रविन्द्र ज्वांठा उप जिलाधिकारी चमोली राजकुमार पांडे पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट एडिशनल एसपी होशियार सिंह अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश एसडीएम कर्णप्रयाग अल्केश नौटियाल पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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प्रदीप कुमार बदरीनाथ-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह शनिवार को भू-वैकुण्ठ श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचे जहां उन्होंने भगवान बद्री विशाल के दर्शन एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि शांति तथा खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने धाम में तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत बदरीनाथ धाम पहुंचने पर हेलीपैड पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान पुलिस जवानों ने सेरिमोनियल वर्दी में सलामी दी। राज्यपाल ने जवानों के उत्कृष्ट टर्नआउट और शस्त्र कवायद की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद राज्यपाल बदरीनाथ मंदिर पहुंचे जहां बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने उनका स्वागत किया। मंदिर में उन्होंने तीर्थयात्रियों की व्यवस्थाओं को देखते हुए सूक्ष्म पूजा-अर्चना की तथा मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदरी से भेंट की। राज्यपाल ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात कर यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। राज्यपाल ने रिवर फ्रंट और मंदिर परिसर में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धाम से जुड़े विभिन्न पक्षों स्थानीय लोगों और हितधारकों से मुलाकात कर उनके सुझाव सुने तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने होटल एसोसिएशन व्यापार संघ और टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर यात्रा संचालन को और बेहतर बनाने को लेकर चर्चा की। राज्यपाल ने बदरीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने तीर्थयात्रियों के अनुशासन को अनुकरणीय बताते हुए धाम में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही प्रशासन स्थानीय लोगों और सभी संबंधित पक्षों के सहयोग की प्रशंसा भी की। उन्होंने श्रद्धालुओं से भक्ति भाव और अनुशासन के साथ दर्शन करने तथा यात्रा व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की। साथ ही चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों से स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को यात्रा की स्मृति के रूप में खरीदने का आह्वान किया ताकि स्थानीय लोगों और मातृशक्ति को स्वरोजगार मिल सके। राज्यपाल ने कहा कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और भाव ही सर्वोपरि है तथा लंबे समय तक पूजा करना आवश्यक नहीं है। उन्होंने कहा कि बद्री विशाल का स्वरूप विशालता समर्पण और मानवता का संदेश देता है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी ने राज्यपाल को अपनी स्वलिखित पुस्तक उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटी की वैज्ञानिक खेती भेंट की। यह पुस्तक उत्तराखण्ड में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की वैज्ञानिक खेती संरक्षण और स्वरोजगार की संभावनाओं पर आधारित है। राज्यपाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे किसानों और युवाओं के लिए उपयोगी बताया। राज्यपाल ने थानाध्यक्ष बद्रीनाथ नवनीत भंडारी की भी विशेष सराहना करते हुए कहा कि पूर्ण समर्पण और सेवा भाव के साथ यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के प्रयास श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद अनुभव प्रदान कर रहे हैं। बद्रीनाथ धाम कार्यक्रम के बाद राज्यपाल औली पहुंचे जहां असम रेजिमेंट और आईटीबीपी द्वारा आयोजित संयुक्त कार्यक्रम में उन्होंने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने थराली आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य करने वाले तथा माणा हिमस्खलन के समय त्वरित कार्रवाई कर जन-धन की रक्षा करने वाले जवानों को सम्मानित किया। इस मौके पर उप जिलाधिकारी ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ यात्रा मजिस्ट्रेट रविन्द्र ज्वांठा उप जिलाधिकारी चमोली राजकुमार पांडे पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट एडिशनल एसपी होशियार सिंह अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश एसडीएम कर्णप्रयाग अल्केश नौटियाल पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।