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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। मानसून अवधि में संभावित आपदाओं और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए विभागीय तैयारियों की समीक्षा को लेकर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को लेकर पहले से बेहतर तैयारियां की जाती रही हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को मानसून से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर भी लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं और राज्य सरकार का उद्देश्य सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से आपदा जोखिम को न्यूनतम करना है। राज्य मंत्री और आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष अभिषेक रोहिल्ला ने संवेदनशील क्षेत्रों में मलबा निस्तारण गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने को कहा।‌ टिहरी गढ़वाल से प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में संभावित अतिवृष्टि बाढ़ भूस्खलन और शहरी जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को अपनी तैयारियां पूर्ण रखने और संवेदनशील क्षेत्रों के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से 15 प्रकार की संभावित आपदाओं के कारणों की जानकारी दी गई। शहरी जलभराव के प्रमुख कारणों जैसे सीवरेज सिस्टम और जल निकासी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में ऐसे कारणों की पहचान करने को कहा गया। बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्य सामग्री गैस पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मानव और पशुओं के लिए आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने पशुओं के चारे की व्यवस्था करने और जेसीबी संचालन के लिए समन्वय स्थापित करने को कहा गया। डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए फॉगिंग अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। आपदा की स्थिति में खाद्य सामग्री वितरण सुरक्षित स्थानों पर आपदा शेल्टर चिन्हित करने तथा वहां पेयजल बिजली शौचालय बिस्तर फर्स्ट एड व्हील चेयर और रसोई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को अपने उपकरणों और संसाधनों की समीक्षा करने खराब उपकरणों की मरम्मत कराने आवश्यक उपकरण खरीदने और आईडीआरएन पोर्टल पर विवरण दर्ज करने को कहा गया। इसके अलावा संवेदनशील और खतरे वाले स्थानों का चिन्हीकरण करने नो सेल्फी जोन निर्धारित करने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी एसडीएम टिहरी कमलेश आईएएस प्रशिक्षु ज्योति मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.श्याम विजय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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