प्रदीप कुमार
भगवानपुर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार जनपद के भगवानपुर क्षेत्र में मिले अज्ञात युवक के शव मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आधुनिक पुलिस सॉफ्टवेयर तकनीक और नेटग्रिड पोर्टल की मदद से पहले शव की पहचान की गई और फिर हत्या में शामिल आरोपियों तक पहुंचकर पूरे मामले का पर्दाफाश किया गया। मामले में दो अन्य संदिग्धों की तलाश अभी जारी है। 17 मई 2026 को भगवानपुर थाना क्षेत्र के बहबलपुर से लव्वा गांव जाने वाले रास्ते पर नदी किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। शव पर गंभीर चोटों के कई निशान थे और प्रथम दृष्टया युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही भगवानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की मोर्चरी भेजा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा पूर्व में अपराध गोष्ठी के दौरान अज्ञात शवों की पहचान के लिए गृह मंत्रालय द्वारा संचालित नेटग्रिड पोर्टल के उपयोग के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में पुलिस ने मृतक की फोटो नेटग्रिड पोर्टल पर अपलोड की जहां से चेहरे से मिलते-जुलते 10 लोगों का डाटा प्राप्त हुआ। पुलिस टीमों ने सहारनपुर देवबंद बिजनौर मुरादाबाद और हिमाचल सहित विभिन्न क्षेत्रों में जाकर सत्यापन किया। जांच के बाद मृतक की पहचान कलीम पुत्र मुराद निवासी ग्राम बचीटी थाना देवबंद जनपद सहारनपुर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। मामले में 18 मई 2026 को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान जानकारी मिली कि घटना की रात क्षेत्र में एक काली क्रेटा कार देखी गई थी। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच में पता चला कि मृतक कलीम और उसका भाई कामिल काम की तलाश में भगवानपुर आए थे और रात में धरोहर होटल में खाना खाने पहुंचे थे। इसी दौरान होटल संचालकों और उनके साथियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कामिल मौके से जान बचाकर भाग निकला जबकि कलीम को आरोपियों ने बुरी तरह पीटा। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की मौत के बाद आरोपियों ने शव को क्रेटा कार की डिग्गी में रखा और लव्वा गांव के पास नदी किनारे फेंक दिया। पुलिस ने 19 मई 2026 को हसनपुर मदनपुर पुल क्षेत्र से सौरभ चौहान अंकित कुमार हर्ष अनमोल सैनी और विशाल सैनी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हर्ष और अंकित ने धरोहर होटल लीज पर लिया हुआ है। घटना की रात झगड़े की सूचना मिलने पर हर्ष भी मौके पर पहुंचा और सभी ने मिलकर दोनों भाइयों के साथ मारपीट की। बाद में कलीम की मौत हो जाने पर शव को ठिकाने लगाया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडे मृतक का मोबाइल फोन शव ले जाने में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार और घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सौरभ चौहान निवासी खुब्बनपुर थाना भगवानपुर अंकित कुमार निवासी खुब्बनपुर थाना भगवानपुर हर्ष निवासी खुब्बनपुर थाना भगवानपुर अनमोल सैनी निवासी सलेमपुर राजपूताना थाना गंगनहर और विशाल सैनी निवासी सोना सईदमाजरा थाना गागलहेड़ी जनपद सहारनपुर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पढ़े-लिखे हैं और बीटेक तथा बीफार्मा जैसे कोर्स कर चुके हैं। मामले के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार सैनी उपनिरीक्षक सुनील पंत उपनिरीक्षक पुनीत दनोषी उपनिरीक्षक आशीष नेगी उपनिरीक्षक नीरज रावत अपर उपनिरीक्षक प्रदीप चौहान सहित सीआईयू और भगवानपुर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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प्रदीप कुमार
भगवानपुर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार जनपद के भगवानपुर क्षेत्र में मिले अज्ञात युवक के शव मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आधुनिक पुलिस सॉफ्टवेयर तकनीक और नेटग्रिड पोर्टल की मदद से पहले शव की पहचान की गई और फिर हत्या में शामिल आरोपियों तक पहुंचकर पूरे मामले का पर्दाफाश किया गया। मामले में दो अन्य संदिग्धों की तलाश अभी जारी है। 17 मई 2026 को भगवानपुर थाना क्षेत्र के बहबलपुर से लव्वा गांव जाने वाले रास्ते पर नदी किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। शव पर गंभीर चोटों के कई निशान थे और प्रथम दृष्टया युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही भगवानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की मोर्चरी भेजा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा पूर्व में अपराध गोष्ठी के दौरान अज्ञात शवों की पहचान के लिए गृह मंत्रालय द्वारा संचालित नेटग्रिड पोर्टल के उपयोग के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में पुलिस ने मृतक की फोटो नेटग्रिड पोर्टल पर अपलोड की जहां से चेहरे से मिलते-जुलते 10 लोगों का डाटा प्राप्त हुआ। पुलिस टीमों ने सहारनपुर देवबंद बिजनौर मुरादाबाद और हिमाचल सहित विभिन्न क्षेत्रों में जाकर सत्यापन किया। जांच के बाद मृतक की पहचान कलीम पुत्र मुराद निवासी ग्राम बचीटी थाना देवबंद जनपद सहारनपुर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। मामले में 18 मई 2026 को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान जानकारी मिली कि घटना की रात क्षेत्र में एक काली क्रेटा कार देखी गई थी। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच में पता चला कि मृतक कलीम और उसका भाई कामिल काम की तलाश में भगवानपुर आए थे और रात में धरोहर होटल में खाना खाने पहुंचे थे। इसी दौरान होटल संचालकों और उनके साथियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कामिल मौके से जान बचाकर भाग निकला जबकि कलीम को आरोपियों ने बुरी तरह पीटा। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की मौत के बाद आरोपियों ने शव को क्रेटा कार की डिग्गी में रखा और लव्वा गांव के पास नदी किनारे फेंक दिया। पुलिस ने 19 मई 2026 को हसनपुर मदनपुर पुल क्षेत्र से सौरभ चौहान अंकित कुमार हर्ष अनमोल सैनी और विशाल सैनी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हर्ष और अंकित ने धरोहर होटल लीज पर लिया हुआ है। घटना की रात झगड़े की सूचना मिलने पर हर्ष भी मौके पर पहुंचा और सभी ने मिलकर दोनों भाइयों के साथ मारपीट की। बाद में कलीम की मौत हो जाने पर शव को ठिकाने लगाया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडे मृतक का मोबाइल फोन शव ले जाने में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार और घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सौरभ चौहान निवासी खुब्बनपुर थाना भगवानपुर अंकित कुमार निवासी खुब्बनपुर थाना भगवानपुर हर्ष निवासी खुब्बनपुर थाना भगवानपुर अनमोल सैनी निवासी सलेमपुर राजपूताना थाना गंगनहर और विशाल सैनी निवासी सोना सईदमाजरा थाना गागलहेड़ी जनपद सहारनपुर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पढ़े-लिखे हैं और बीटेक तथा बीफार्मा जैसे कोर्स कर चुके हैं। मामले के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार सैनी उपनिरीक्षक सुनील पंत उपनिरीक्षक पुनीत दनोषी उपनिरीक्षक आशीष नेगी उपनिरीक्षक नीरज रावत अपर उपनिरीक्षक प्रदीप चौहान सहित सीआईयू और भगवानपुर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।