प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा-2026 को सुगम सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड तथा जिला प्रशासन चमोली द्वारा यात्रा मार्ग पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड ताजबर सिंह जग्गी के निर्देश पर उप औषधि नियंत्रक हेमंत नेगी के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम द्वारा बद्रीनाथ गोविंदघाट और जोशीमठ स्थित विभिन्न औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण अभियान अपर आयुक्त एवं औषधि नियंत्रक उत्तराखंड ताजबर सिंह जग्गी तथा जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार के निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया। टीम द्वारा मेडिकल स्टोरों पर औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख एक्सपायरी दवाओं के रख-रखाव फार्मासिस्ट की उपस्थिति तथा कोल्ड चेन वाली दवाओं के भंडारण का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री की विशेष जांच की गई ताकि इन दवाओं का नशे के लिए दुरुपयोग रोका जा सके। टीम ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों के एनडीपीएस एक्ट-1985 तथा औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम-1940 के अंतर्गत रखे गए रजिस्टर बिल बुक और स्टॉक का भी सत्यापन किया। अधिकारियों ने दवा विक्रेताओं को बिना डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन के शेड्यूल्ड और नारकोटिक दवाओं की बिक्री न करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सभी दवा व्यवसायियों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940 और नियमावली-1945 के प्रावधानों के तहत ही दवा व्यवसाय संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा यात्रियों को 24 घंटे आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने तथा जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर आवश्यक दवाओं की किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और न ही दवाओं का दुरुपयोग नशे के लिए होने दिया जाए। इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि चारधाम यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित होती रहे। औषधि निरीक्षक चमोली हार्दिक भट्ट ने कहा कि यात्रा मार्ग पर नशे के दुरुपयोग को रोकना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नारकोटिक दवाओं की प्रत्येक खरीद-बिक्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। निरीक्षण दल में औषधि निरीक्षक रुद्रप्रयाग अमित आजाद तथा औषधि निरीक्षक चमोली हार्दिक भट्ट शामिल रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा-2026 को सुगम सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड तथा जिला प्रशासन चमोली द्वारा यात्रा मार्ग पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड ताजबर सिंह जग्गी के निर्देश पर उप औषधि नियंत्रक हेमंत नेगी के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम द्वारा बद्रीनाथ गोविंदघाट और जोशीमठ स्थित विभिन्न औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण अभियान अपर आयुक्त एवं औषधि नियंत्रक उत्तराखंड ताजबर सिंह जग्गी तथा जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार के निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया। टीम द्वारा मेडिकल स्टोरों पर औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख एक्सपायरी दवाओं के रख-रखाव फार्मासिस्ट की उपस्थिति तथा कोल्ड चेन वाली दवाओं के भंडारण का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री की विशेष जांच की गई ताकि इन दवाओं का नशे के लिए दुरुपयोग रोका जा सके। टीम ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों के एनडीपीएस एक्ट-1985 तथा औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम-1940 के अंतर्गत रखे गए रजिस्टर बिल बुक और स्टॉक का भी सत्यापन किया। अधिकारियों ने दवा विक्रेताओं को बिना डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन के शेड्यूल्ड और नारकोटिक दवाओं की बिक्री न करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सभी दवा व्यवसायियों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940 और नियमावली-1945 के प्रावधानों के तहत ही दवा व्यवसाय संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा यात्रियों को 24 घंटे आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने तथा जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर आवश्यक दवाओं की किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और न ही दवाओं का दुरुपयोग नशे के लिए होने दिया जाए। इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि चारधाम यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित होती रहे। औषधि निरीक्षक चमोली हार्दिक भट्ट ने कहा कि यात्रा मार्ग पर नशे के दुरुपयोग को रोकना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नारकोटिक दवाओं की प्रत्येक खरीद-बिक्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। निरीक्षण दल में औषधि निरीक्षक रुद्रप्रयाग अमित आजाद तथा औषधि निरीक्षक चमोली हार्दिक भट्ट शामिल रहे।