प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। वनाग्नि रोकथाम के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी मजबूत करने के उद्देश्य से जनपद में पिरूल एकत्रीकरण एवं मूल्य संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया गया। विकासखंड जखोली की ग्राम पंचायत दरमोला में आयोजित कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन तथा मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने रुद्रनाथ स्वायत्त सहकारिता समूह की महिलाओं द्वारा एकत्र किए गए पिरूल से भरे वाहन को प्रसंस्करण हेतु सोनप्रयाग के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जनपद में वनाग्नि रोकथाम के लिए पिरूल एकत्रीकरण अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को इस अभियान से जोड़कर न केवल जंगलों को आग से बचाने का प्रयास किया जा रहा है बल्कि उन्हें अतिरिक्त आय का साधन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देशन में महिलाओं के लिए आकर्षक प्रोत्साहन मॉडल लागू किया गया है जिसके तहत 12 रुपये प्रति किलो पिरूल के हिसाब से भुगतान डीबीटी माध्यम से किया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया कि अभियान को और अधिक सशक्त बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा एकत्र किए गए पिरूल का उपयोग HI-Feed सोनप्रयाग में ईंधन एवं औद्योगिक उपयोग के लिए किया जाएगा। समस्त एकत्रीकरण और भुगतान प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी DPMU के माध्यम से की जा रही है। आगामी माह में एक हजार कुंतल पिरूल एकत्रीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार ने बताया कि जनपद में 13 आजीविका संघों से जुड़ी 114 महिलाएं अभियान में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। अब तक 434 कुंतल पिरूल एकत्र किया जा चुका है। दरमोला के अलावा तैला नागराजा सौड़ दौला एवं कौशलपुर क्षेत्रों में भी अभियान संचालित किया जा रहा है। मां भगवती स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष मीरा नौटियाल ने मुख्यमंत्री वन विभाग एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से वनाग्नि रोकथाम के साथ स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आय के नए अवसर मिल रहे हैं। कार्यक्रम में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
