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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा केदार और भगवान बदरीविशाल के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। यात्रा मार्ग पर स्थित श्रीनगर शहर से प्रतिदिन हजारों यात्री गुजर रहे हैं लेकिन इस बार शहर के व्यापारी मायूस नजर आ रहे हैं क्योंकि श्रद्धालु श्रीनगर में रुकने के बजाय सीधे धामों की ओर बढ़ रहे हैं। इससे स्थानीय व्यापार पर असर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि हर वर्ष चारधाम यात्रा सीजन उनके कारोबार के लिए नई उम्मीद लेकर आता था लेकिन इस बार लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम और वाहनों को अधिक देर तक नहीं रुकने देने की व्यवस्था के कारण यात्री शहर में ठहर नहीं पा रहे हैं। इसका सीधा असर होटल रेस्टोरेंट दुकानों और अन्य स्थानीय कारोबार पर देखने को मिल रहा है। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी ने उपजिलाधिकारी श्रीनगर को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ केदारनाथ सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे प्रमुख पड़ावों पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए यात्रियों को श्रीनगर में भी रुकने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। मेयर ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि श्रीनगर चारधाम यात्रा का ऐतिहासिक और प्रमुख पड़ाव रहा है। यहां यात्रियों के लिए होटल पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यदि यात्रियों को श्रीनगर में रुकने के लिए प्रेरित किया जाए तो इससे एक ओर धामों और संवेदनशील पड़ावों पर बढ़ता दबाव कम होगा वहीं यात्रियों की यात्रा भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि श्रीनगर केवल एक ट्रांजिट प्वाइंट नहीं बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का नगर है। यहां स्थित मां धारी देवी मंदिर और कमलेश्वर मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर भी श्रद्धालुओं को मिल सकता है। इससे श्रीनगर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापारियों की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। मेयर आरती भंडारी की इस पहल को व्यापारी वर्ग सकारात्मक कदम मान रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन श्रीनगर को व्यवस्थित पड़ाव के रूप में विकसित करता है तो इससे न केवल चारधाम यात्रा प्रबंधन को मजबूती मिलेगी बल्कि श्रीनगर को पर्यटन नगरी के रूप में नई पहचान भी मिल सकेगी।

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