Spread the love

प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने गोपेश्वर स्थित जिला सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक ली। बैठक में नमामि गंगे योजना के तहत संचालित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यकुशलता और गुणवत्ता की समीक्षा की गई। साथ ही डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण गीले कूड़े से तैयार कम्पोस्ट खाद और उससे होने वाली आय कॉम्पेक्टर मशीनों से तैयार प्लास्टिक तथा बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की जानकारी भी ली गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की अलकनंदा नदी सहित अन्य नदियों के किनारे वाले क्षेत्रों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निकाय क्षेत्रों में बने श्मशान घाटों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग को बायोमेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत द्वारा नौ विकासखंडों में संचालित कॉम्पेक्टर मशीनों की जानकारी लेते हुए अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को सभी मशीनों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही माणा गांव में कॉम्पेक्टर मशीन स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। नगर पालिका गोपेश्वर के अधिशासी अधिकारी अनिल पंत ने बताया कि उत्तराखंड प्लास्टिक एवं अन्य जीव अनाशित कूड़ा कचरा अधिनियम 2013 के तहत अप्रैल माह में 34 चालान किए गए जिनसे 8400 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। वहीं एंटी लिटरिंग एवं एंटी स्पिटिंग अधिनियम के तहत अप्रैल माह में 42 चालानों से 8200 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता उप प्रभागीय वनाधिकारी जुगल किशोर सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp